📌 अमित मणि त्रिपाठी
देवरिया। जनता दर्शन में मिली शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कड़ा रुख अपनाया है। पथरदेवा विकासखंड के एक फरियादी की शिकायत को लंबे समय तक लंबित रखने और उसके समाधान में रुचि न दिखाने के आरोप में खंड विकास अधिकारी (BDO) पथरदेवा को नकारात्मक प्रविष्टि दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्रवाई जनपद के अधिकारियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि जनशिकायतों की अनदेखी अब महंगी पड़ेगी।
क्या है पूरा मामला
यह मामला पथरदेवा विकासखंड के धर्मचौरा गाँव निवासी प्रमोद साहनी से संबंधित है। गुरुवार को आयोजित जनता दर्शन में साहनी ने शिकायत की थी कि उन्हें वर्ष 2022 में मत्स्य पालन के लिए तालाब का पट्टा आवंटित किया गया था — पर 4 साल बाद भी वहाँ मत्स्य पालन का काम शुरू नहीं हो सका। यह उनकी आजीविका से जुड़ा मामला था — पट्टा मिलने के बाद भी काम न शुरू होने से उनका परिवार आर्थिक नुकसान उठाता रहा। साहनी ने बताया कि इस समस्या को लेकर वे पहले भी कई बार जिलाधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज करा चुके थे — पर हर बार आश्वासन मिला और समस्या जस की तस रही। जाँच में सामने आया कि जिलाधिकारी द्वारा कई बार निर्देश दिए जाने के बावजूद BDO पथरदेवा ने इस प्रकरण के समाधान में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई।
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DM ने जताई कड़ी नाराजगी
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना और फरियादियों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगवाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। BDO पथरदेवा के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने का निर्देश देते हुए उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी भविष्य में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सभी अधिकारियों को निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनता दर्शन में प्राप्त सभी प्रकरणों का गंभीरता से परीक्षण करें और उनका गुणवत्तापूर्ण तथा समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य आम नागरिकों को त्वरित न्याय और राहत प्रदान करना है। जनता दर्शन सरकार का वह मंच है जहाँ आम नागरिक सीधे जिलाधिकारी तक अपनी बात पहुँचा सकते हैं — इस मंच की विश्वसनीयता बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी के इस रुख से जनपद के अधिकारियों में संदेश गया है कि जनशिकायतों की अनदेखी अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

