📌 अमित मणि त्रिपाठी
देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वच्छता समिति, जिला वन एवं पर्यावरण समिति, पशुपालन विभाग तथा विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता, तन्मयता एवं जवाबदेही के साथ करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे और सभी विभाग अपने निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करें।
वन एवं पर्यावरण — वृक्षारोपण की तैयारी
वन एवं पर्यावरण समिति की समीक्षा के दौरान विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित होने वाले वृक्षारोपण कार्यक्रमों की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ वृक्षारोपण अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विकास खंड और नगर निकाय स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए और उनसे पौधरोपण भी कराया जाए। पौधारोपण स्थलों का पूर्व में चिन्हांकन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण पर विशेष बल देते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए जनजागरूकता लाने पर जोर दिया।
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स्वच्छता समिति — एक सप्ताह में सत्यापन
स्वच्छता समिति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने व्यक्तिगत शौचालयों के सत्यापन का कार्य एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करने और सामुदायिक शौचालयों के नियमित उपयोग एवं रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। खंड विकास अधिकारियों, ADO पंचायत और पंचायत सचिवों को स्वच्छता एवं विकास कार्यों की नियमित निगरानी करने को कहा गया। डिजिटल लाइब्रेरी, बायोगैस प्लांट और अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। 15वें वित्त आयोग की धनराशि का उपयोग विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा स्वास्थ्य केंद्रों के आधारभूत ढाँचे के सुदृढ़ीकरण में किए जाने के निर्देश दिए। दो माह बाद इन कार्यों का ऑडिट कराया जाएगा।
पशुपालन — नोटिस और वेतन रोकने की चेतावनी
पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने गौवंश संरक्षण, चारागाह विकास और पशु चिकित्सा सेवाओं की प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी पशु चिकित्साधिकारियों को गौशालाओं का नियमित निरीक्षण करने, चारागाह भूमि का सीमांकन कर हरे चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कार्यों में शिथिलता पाए जाने पर संबंधित पशु चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी ने विकास कार्यों तथा IGRS प्रकरणों की भी समीक्षा की और सभी अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं तथ्यपरक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

