लखनऊ। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने सोमवार को पेपर लीक और युवा बेरोजगारी पर केंद्र और राज्य सरकारों को घेरा। उन्होंने कहा कि मेडिकल सहित तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक से करोड़ों युवाओं का भविष्य अधर में है। दोषियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की मांग करते हुए मायावती ने चेतावनी दी कि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो युवा आंदोलन के रास्ते पर जाने को मजबूर होंगे।
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परीक्षाओं में गड़बड़ी पर चिंता
मायावती ने कहा कि मेडिकल सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और रद्द होने की घटनाओं से करोड़ों युवाओं का भविष्य अधर में है। सर्वसमाज के परिवारों के लिए जीवनदायी इन परीक्षाओं में लगातार हो रही अनियमितताओं से युवा वर्ग और बेरोजगार लोग काफी परेशान हैं।
बसपा सुप्रीमो ने मांग की कि परीक्षा व्यवस्था से जुड़े दोषियों और उच्च पदों पर बैठे जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि देश की तरक्की की नींव युवा पीढ़ी का भविष्य इस प्रकार की अनिश्चितता और अंधकार से बचाया जाना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि युवाओं का आक्रोश और आंदोलन इस बात का प्रमाण है कि यह देश और जनहित से जुड़ा अति-गंभीर मामला है। सरकारों को तत्काल सख्त कदम उठाना नितांत आवश्यक है।
शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने की अपील
मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों में सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कमी के कारण निजी स्कूल और कोचिंग संस्थान तेजी से पनप रहे हैं। भारी महंगाई के इस दौर में भी परिवार अपना पेट काटकर और अन्य परेशानियां झेलकर बच्चों की पढ़ाई के लिए आर्थिक बोझ उठाने को मजबूर हैं।
बसपा सुप्रीमो ने सरकारों से कोचिंग संस्थानों पर भ्रष्टाचार-मुक्त कड़ी निगरानी रखने की अपील की। साथ ही प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक सरकारी शिक्षा व्यवस्था को हर स्तर पर बेहतर बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि देश और समाज को शिक्षित बनाना अनवरत प्रक्रिया है। सरकारों को समुचित बजट प्रावधान के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की सही सोच रखना भी बहुत जरूरी है। युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के सहारे ही परिवार, समाज, प्रदेश और देश का भविष्य संवर पाएगा।
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युवाओं को मजबूर न करें आंदोलन के लिए
मायावती ने कहा कि युवा आउटसोर्सिंग जैसी अस्थायी और शोषणकारी नौकरियों से आगे बढ़कर स्थायी और सम्मानजनक रोजगार में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं ताकि इज्जत से दो वक्त की रोटी कमाकर अपने परिवार का पेट पाल सकें।
संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के आदर्शों का उल्लेख करते हुए मायावती ने कहा कि शिक्षित, सुरक्षित, कल्याणकारी और सभ्य भारत का निर्माण ही देश की प्रगति का आधार है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो जंतर-मंतर पर काकरोच जनता पार्टी के आंदोलन जैसा रास्ता अपनाने के लिए युवाओं को मजबूर होना पड़ेगा। सरकार इनके प्रति सहानुभूति का रवैया अपनाकर स्थिति का सही समाधान करे तो यह उचित होगा।



