लखनऊ, 14 अगस्त। बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने कहा है कि उनकी पार्टी ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीतियों और सिद्धांतों पर चलती है। उन्होंने कहा कि पार्टी किसी व्यक्ति विशेष से ज्यादा बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान की मंशा के मुताबिक सर्वसमाज के हित और कल्याण के लिए समर्पित है। जिसमें नेताओं की नहीं, बल्कि समर्पित कार्यकर्ताओं की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है।
पार्टी छोड़ने वालों पर कही बात
मायावती ने कहा कि ब्राह्मण समाज समेत अन्य समाजों के जो लोग पार्टी से निकाले गए, निकाले जा रहे हैं या निजी स्वार्थ के चलते दूसरी पार्टियों में चले गए, उनका पार्टी के प्रति समर्पण लोगों की नजर में संदिग्ध रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि BSP सरकार के दौरान भी ऐसे लोगों ने अपने निजी और पारिवारिक स्वार्थ के लिए पार्टी से अधिक लाभ लिया, जबकि समाज और पार्टी के हित में वे अधिकतर निष्क्रिय और उदासीन रहे।
उन्होंने कहा कि इन कारणों से ऐसे लोग अपने समाज को भी सही तरीके से BSP से नहीं जोड़ सके। मायावती के मुताबिक, पिछले कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों में पार्टी को इसका नुकसान उठाना पड़ा।
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युवाओं को तैयार करने का दावा
मायावती ने कहा कि पार्टी में लंबे समय से ईमानदार और लगातार समर्पित वरिष्ठ नेताओं की ओर से नए कर्मठ और ईमानदार लोगों, खासकर युवाओं को तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह अभियान जारी है और अब ये लोग पार्टी की अपेक्षाओं के मुताबिक लगातार काम कर रहे हैं। BSP प्रमुख ने उम्मीद जताई कि नए और पुराने कार्यकर्ता बेहतर, साफ-सुथरी और ‘मिशनरी मानसिकता’ के साथ काम करेंगे और सच्चे आंबेडकरवादी एवं संविधानवादी संघर्ष में योगदान देंगे।
ब्राह्मण समाज को भागीदारी
मायावती ने कहा कि BSP खासकर ब्राह्मण समाज को विश्वास दिलाना चाहती है कि वह पूरी मजबूती के साथ पार्टी से जुड़ा रहे। उन्होंने कहा कि हर चुनाव में तैयारी के आधार पर उन्हें चुनावी उम्मीदवार बनाने और सरकार बनने पर 2007 की तरह ब्राह्मण समाज समेत अन्य सभी समाजों को उचित मान-सम्मान दिया जाता रहेगा।
सर्वसमाज आधारित BSP को जमीनी स्तर पर तैयार करने में अब खासकर दलित समाज को अहम भूमिका निभानी है। उन्होंने आगे कहा कि BSP की ‘नर्सरी’ सर्वसमाज के ‘हसीन गुलदस्तों’ से ही अधिकतर हरी-भरी और सजी रहती है।

