गाज़ीपुर, 5 सितंबर। लोक निर्माण विभाग (PWD) के लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों ने शनिवार सुबह से अनिश्चितकालीन कलम बंद हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारी जिले के अलग-अलग विकासखंडों और तहसीलों में अटैच किए जाने के फैसले का विरोध कर रहे हैं। मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन का कहना है कि जब तक कर्मचारियों को उनकी मूल तैनाती पर रखने और अटैचमेंट आदेश वापस लेने का फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
27 अगस्त के आदेश पर विवाद
विवाद की शुरुआत 27 अगस्त को जारी विभागीय आदेश से हुई। संगठन के अनुसार, आदेश के तहत PWD के करीब 25 लिपिकों को उनकी मौजूदा तैनाती से हटाकर जिले की अलग-अलग तहसीलों और विकासखंडों से संबद्ध करने के निर्देश दिए गए थे। कर्मचारियों ने इस व्यवस्था को विभागीय नियमों के विपरीत बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई।
आदेश सामने आने के बाद मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन ने बैठक कर अधिकारियों के सामने अपनी मांग रखी। संगठन की ओर से मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और संबंधित अधिशासी अभियंताओं को भी मामले से अवगत कराया गया। पदाधिकारियों के मुताबिक, उन्हें कर्मचारियों को तत्काल रिलीव नहीं किए जाने और मामले में अधिकारियों से बातचीत कर कार्रवाई का भरोसा मिला था। इसके बावजूद आदेश वापस नहीं होने पर संगठन ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया।
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काली पट्टी के बाद हड़ताल
मांग पर कार्रवाई नहीं होने के बाद कर्मचारियों ने पहले चरण में 3 सितंबर को काली पट्टी बांधकर काम किया। यह विरोध सांकेतिक था। संगठन ने इसके बाद स्पष्ट कर दिया था कि अटैचमेंट आदेश निरस्त नहीं हुआ तो कर्मचारी काम बंद करेंगे। शनिवार से इसी निर्णय के तहत लिपिकों ने कार्यालयी कामकाज से खुद को अलग कर लिया।
एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि PWD में पहले से निर्माण कार्यों का दबाव है। ऐसे समय में विभागीय कामकाज का अनुभव रखने वाले लिपिकों को दूसरी जगह संबद्ध किए जाने से कार्यालयों की नियमित व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। संगठन ने कर्मचारियों की मूल तैनाती बनाए रखने की मांग दोहराई।
आदेश वापसी तक हड़ताल जारी
मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के जिला मंत्री राजेश यादव के अनुसार, संगठन ने अधिकारियों के स्तर पर अपनी बात पहले ही रख दी थी। इसके बावजूद 27 अगस्त के आदेश पर कोई बदलाव नहीं होने के कारण कर्मचारियों को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।
संगठन की मुख्य मांग अटैचमेंट आदेश को वापस लेना और कर्मचारियों को उनकी पूर्व तैनाती पर बनाए रखना है। पदाधिकारियों ने कहा, अगर मांग पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है। फिलहाल, अनिश्चितकालीन कलम बंद हड़ताल के कारण PWD के कार्यालयों में लिपिकीय कार्य प्रभावित होने की स्थिति है।

