लखनऊ, 19अगस्त। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को भाजपा सरकार पर शिक्षा से लेकर भ्रष्टाचार और ई-20 पेट्रोल तक कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कुछ मामलों में तेजी से कार्रवाई कर रही है, जबकि भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं से जुड़े कई मामलों में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हो रही। साथ ही उन्होंने ई-20 पेट्रोल को लेकर सरकार और सलाहकारों के अलग-अलग दावों पर सवाल उठाते हुए आम लोगों की परेशानियों का मुद्दा उठाया।
शिक्षा पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार को शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थी विरोधी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर स्कूलों को बंद कराया जा रहा है और दूसरी ओर विश्वविद्यालय बनाने वालों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई की जा रही है। उनके मुताबिक सरकार की प्राथमिकताओं को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है और शिक्षा से जुड़े मामलों में ऐसी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, जिससे छात्रों और शिक्षकों के हित प्रभावित हों।
सपा प्रमुख ने दावा किया कि कई ऐसे मामले हैं, जिनमें भ्रष्टाचार और गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने सड़कों, एक्सप्रेस-वे, पुलों, पानी की टंकियों और अन्य निर्माण कार्यों की स्थिति का जिक्र करते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता से जुड़े लोगों को संरक्षण मिलने के कारण कार्रवाई का दायरा समान नहीं दिखाई देता।
भ्रष्टाचार पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे समेत कई परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता से जुड़े सवाल उठाते हुए कहा कि खराब सड़कों, गिरते पुलों और दूसरी अव्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने पुलिसकर्मियों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों, महाकुंभ में कथित अनियमितताओं और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं को लेकर भी सरकार पर सवाल खड़े किए।
उन्होंने अवैध निर्माण और सरकारी परियोजनाओं में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा भी उठाया। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर भ्रष्टाचार या अन्य गंभीर मामलों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई दिखाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि सरकार को सभी मामलों में एक समान तरीके से कार्रवाई करनी चाहिए और जनता के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि जांच और कार्रवाई का आधार क्या है।
ई-20 पेट्रोल पर सवाल
अखिलेश यादव ने ई-20 पेट्रोल को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार की ओर से ई-20 पेट्रोल को लेकर सब कुछ ठीक होने की बात कही जा रही है, जबकि दूसरी तरफ सलाहकारों की ओर से इसके वाहनों पर असर को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी विरोधाभास के आधार पर उन्होंने पूछा कि आखिर सरकार और सलाहकारों में सही कौन है और आम लोगों को इसकी स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी जा रही।
सपा प्रमुख ने कहा कि ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल के बाद वाहन मालिकों की ओर से माइलेज और मेंटेनेंस से जुड़ी शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने इसे जनता के लिए दोहरी परेशानी बताते हुए कहा कि महंगे पेट्रोल के साथ वाहन का रखरखाव भी महंगा हो रहा है। अखिलेश यादव ने सरकार से ई-20 के वास्तविक असर को लेकर आम लोगों से सीधे संवाद करने की मांग की और कहा कि जनता से पूछकर ही स्थिति की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है।

