बदायूं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को बदायूं में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई मुद्दों पर भाजपा को घेरा। 26,000 प्राइमरी स्कूल बंद होने से 1 लाख लोगों की नौकरी जाने का आरोप, बिहार में छात्रों पर फायरिंग और बांकीपुर उपचुनाव में तेजस्वी यादव बनाम प्रशांत किशोर के बीच असली मुकाबले पर उन्होंने अपनी बात रखी। उन्होंने यह भी कहा कि इंडिया गठबंधन ने विधानसभा की गिनती में 250 से अधिक सीटें जीती हैं और भाजपा इसीलिए घबराई हुई है।
26 हजार स्कूल बंद
अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने लोकसभा में यह मुद्दा उठाया था कि उत्तर प्रदेश में 26,000 प्राइमरी स्कूल बंद हो गए हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल स्कूल बंद होने का मामला नहीं है। एक प्राइमरी स्कूल में शिक्षक, रसोइया सहित कम से कम 5 लोगों को रोजगार मिलता है। इस हिसाब से 1 लाख लोगों की नौकरी छिन गई। उन्होंने कहा कि यह सरकार के खुद के आंकड़े हैं। बदायूं जिले में भी 300 से अधिक प्राइमरी स्कूल मर्जर के नाम पर बंद हुए हैं।
उन्होंने कहा कि प्राइमरी स्कूल इसलिए बनाए गए थे ताकि गांव के करीब हों और गरीब परिवारों की बेटियां भी पढ़ सकें। जब स्कूल दूर हो जाता है तो परिवार बेटियों को भेजना बंद कर देते हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ यूनिवर्सिटी, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक और आईटीआई में कोई नई संस्था नहीं बनी और दूसरी तरफ आजम खां की मौलाना जौहर यूनिवर्सिटी को हथौड़ा लेकर तोड़ने की कोशिश की गई।
NEET और छात्र आंदोलन
NEET पर अखिलेश यादव ने कहा कि जब सरकार की नियत साफ होगी तो परीक्षा भी साफ होगी और उसमें कोई भेदभाव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद से 20 से अधिक पेपर लीक हो चुके हैं। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन की सराहना करते हुए कहा कि पूरे देश में नौजवान और छात्र निकलकर आए और एक ऐसा आंदोलन छिड़ा कि सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि “झुकती है सरकार झुकाने वाला चाहिए” — यह नारा जंतर-मंतर से उठा था। अंततः धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।
उन्होंने कहा कि लाठी खाने वाले को पता है कि किसने लाठी मारी लेकिन चलाने वाले यह नहीं बता रहे कि किसके आदेश पर लाठी चली। जो सरकार सुनती नहीं थी वह कम से कम अब सुनने लगी लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को अभी यह बात समझ नहीं आ रही। उन्होंने कहा कि बनारस की रैली में एक लाइन में लोग बैठे थे और बाकी लाइनें खाली थीं — यह सबने देखा।
उन्होंने कहा कि जो लोग नकारात्मक राजनीति करते थे वे बेटियों के नारों और उनकी क्रिएटिव तख्तियों को देखकर खुद नकारात्मक राजनीति करना भूल गए। उन्होंने कहा कि यह शायद देश का पहला ऐसा आंदोलन था जिसमें युवाओं ने ब्लिंक गेट से प्रिंटआउट लेकर तख्ती बनाई। भावना गलत नहीं थी — वे अपनी पीढ़ी के हिसाब से आंदोलन कर रहे थे।
बिहार में छात्रों पर फायरिंग
अखिलेश यादव ने कहा कि बिहार में छात्रों पर फायरिंग हुई और उन्हें गिरफ्तार किया गया। जब सवाल उठाया गया तो कहा गया कि यह आम बात है। उन्होंने कहा कि जो सरकार जाने वाली होती है उसके डरे हुए लोग ही सत्ता का दुरुपयोग करते हैं।
CM योगी द्वारा भदोही का नाम फिर से संत रविदास नगर रखने की घोषणा पर उन्होंने कहा कि अच्छी बात है लेकिन जिन संत रविदास जी के नाम पर जिले का नाम रखा कम से कम उन्हें पढ़ेंगे और उनके विचारों को अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि एक रंगी लोग कभी भी संत रविदास के विचारों पर नहीं चल सकते। कन्नौज में भी नाम बदला है लेकिन बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के रास्ते पर नहीं चलेंगे।
तेजस्वी बनाम प्रशांत किशोर
बांकीपुर उपचुनाव पर अखिलेश यादव ने कहा कि इस चुनाव में असली मुकाबला तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर की पार्टी के बीच है। भाजपा इस लड़ाई में नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर के साथ पेपर आउट कराने वाला एक साथी है। उन्होंने इंडिया गठबंधन का जिक्र करते हुए कहा कि ममता बनर्जी के साथ उनका व्यक्तिगत संबंध पुराना है। लोकसभा में भी यूपी में सपा नंबर वन है।
उन्होंने कहा कि भाजपा इसलिए घबराई हुई है क्योंकि विधानसभा की गिनती में इंडिया गठबंधन और समाजवादी पार्टी ने 250 से अधिक सीटें जीती हैं। सुनने में आ रहा है कि भाजपा ने बेईमानी की तैयारी कर ली है — लेकिन अगर बेईमानी नहीं हुई तो परिणाम कुछ और आएगा। उन्होंने कहा कि PDA में जनता आ रही है और सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए लड़ाई जारी रहेगी।

