प्रयागराज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार 26 मई 2026 को गंगा दशहरा के पावन अवसर पर नगर निगम, प्रयागराज में आयोजित विकास परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास समारोह में ₹452 करोड़ लागत की 200 से अधिक विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इसके साथ ही उन्होंने नगर निगम के नव-निर्मित सदन हॉल और प्रयागराज मेला प्राधिकरण की नई वेबसाइट का भी लोकार्पण किया। संगम तट पर फ्लोटिंग जेटी से दिव्य गंगा आरती की शुरुआत भी इस अवसर पर की गई।
नौ साल में बदला प्रयागराज — CM योगी का दावा
समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में अब सुशासन का माहौल है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “बेटियां हों या व्यापारी — सुरक्षित होकर किसी भी समय बाहर निकल सकते हैं। अगर किसी ने उन्हें छेड़ा तो उसे कीमत चुकानी होगी।” उन्होंने कहा कि नौ साल पहले प्रयागराज में आतंक का माहौल था — सार्वजनिक जमीन पर कब्जे होते थे, अराजकता का तांडव होता था और विकास ठप पड़ा था। हालांकि अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। मुख्यमंत्री ने दृढ़ता से कहा कि आज का प्रयागराज उस दौर से बहुत आगे निकल चुका है जब माफिया और गुंडों का बोलबाला था।
यह भी पढ़ें: CM योगी की बकरीद-गंगा दशहरा समीक्षा बैठक
महर्षि भरद्वाज आश्रम — कब्जा मुक्त, मंदिर भव्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की सरकारों में महर्षि भरद्वाज आश्रम पर भी अवैध कब्जा और अतिक्रमण था। उन्होंने कहा कि “महर्षि भरद्वाज हम सबके कुल के गुरु हैं और दुनिया के पहले कुलपति भी हैं। हजारों वर्ष पहले प्रयागराज में गुरुकुल चलाते थे — और श्रीराम उनके दर्शन के लिए दो बार प्रयागराज आए थे।” इसके अलावा उन्होंने बताया कि डबल इंजन सरकार में अब महर्षि भरद्वाज का आश्रम कब्जा मुक्त हो चुका है और मंदिर भी भव्य रूप ले चुका है।
2017 से पहले कुंभ में गंदगी और भगदड़ — अब UNESCO मान्यता
CM योगी ने पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले माघ मेला और कुंभ में गंदगी, भगदड़, अराजकता और अव्यवस्था का आलम था — लोग प्रयागराज आना नहीं चाहते थे। वहीं 2019 में जब भाजपा सरकार को कुंभ आयोजन का अवसर मिला तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से UNESCO ने इस आयोजन को मानवता की अमूर्त धरोहर के रूप में मान्यता दी। नतीजतन प्रयागराज आज देश और दुनिया में आध्यात्मिक पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे अब चालू हो चुका है और इसके निर्माण में वर्ल्ड क्लास टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है — जो प्रदेश के विकास की नई परिभाषा गढ़ रहा है।
यह भी पढ़ें: गंगा दशहरा 2026 — घाटों पर उमड़ा जनसैलाब
संगम पर Floating Jetty से दिव्य गंगा आरती
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं संगम तट स्थित फ्लोटिंग जेटी पर गंगा पूजन और आरती कर इस नई व्यवस्था का शुभारंभ किया। मेलाधिकारी एवं प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ऋषिराज ने बताया कि इससे संगम आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को हर शाम एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होगा। साथ ही प्रयागराज मेला प्राधिकरण की नई वेबसाइट का भी लोकार्पण किया गया जहां संगम क्षेत्र के सभी धार्मिक आयोजनों, स्नान पर्वों और सुविधाओं की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगी। इसके अलावा वेबसाइट पर वार्षिक धार्मिक कैलेंडर और प्रमुख तीर्थ स्थलों से कनेक्टिविटी की जानकारी भी उपलब्ध है।

नगर निगम प्रयागराज की ‘3 साल बेमिसाल’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया — जिसमें निगम के पिछले तीन वर्षों के विकास कार्यों का पूरा विवरण है। इसके अलावा सफाई कर्मियों को किट वितरित की गई और नगर निगम में शामिल नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया — जो शहर की सफाई व्यवस्था को और मजबूत करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सफाई कर्मी शहर को स्वच्छ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं और उनका सम्मान करना सरकार की प्रतिबद्धता है।
