📌 अमित मणि त्रिपाठी
देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के निर्देश पर उप जिलाधिकारी बरहज हरिशंकर लाल ने शुक्रवार को ग्राम सोनबरसा में राजस्व जन चौपाल का आयोजन किया। इस दौरान राजस्व विभाग की विभिन्न धाराओं से संबंधित 316 वादों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। सभी पक्षों को निस्तारण प्रमाण पत्र वितरित किए गए। उप जिलाधिकारी हरिशंकर लाल ने बताया कि राजस्व न्यायालय को गांव स्तर तक पहुंचाना और ग्रामीणों को उनके दरवाजे पर त्वरित न्याय उपलब्ध कराना इस अभियान का मूल उद्देश्य है। आगे भी तहसील क्षेत्र में इसी तरह जन चौपालों का आयोजन जारी रखा जाएगा।
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गांव तक पहुंचा राजस्व न्यायालय
उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग का मुख्य उद्देश्य भूमि अभिलेखों का रखरखाव और राजस्व कानूनों का प्रशासन है। राजस्व जन चौपाल इसी विभाग की एक पहल है जिसके तहत राजस्व न्यायालय को गांव तक ले जाया जाता है ताकि वरासत, नाम संशोधन और अंश निर्धारण जैसे छोटे विवादों के लिए ग्रामीणों को तहसील या जिला मुख्यालय न जाना पड़े।
बरहज तहसील के ग्राम सोनबरसा में आयोजित इस जन चौपाल में उप जिलाधिकारी हरिशंकर लाल ने राजस्व की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दर्ज वादों की सुनवाई कर मौके पर ही निस्तारण किया। सभी संबंधित पक्षों को उसी दिन निस्तारण प्रमाण पत्र सौंपे गए।
उप जिलाधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के निर्देश पर छोटे और सरल राजस्व वादों का निस्तारण ग्रामीण स्तर पर ही करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि फरियादियों को न्याय के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
किन वादों का हुआ निस्तारण
इस जन चौपाल में 316 राजस्व वादों का निस्तारण किया गया। इनका विवरण इस प्रकार रहा:
अंश निर्धारण के 231 वाद निस्तारित हुए — यह सबसे अधिक संख्या में रहे। भूमि के संयुक्त स्वामित्व में हिस्सेदारी तय करना इन वादों का मुख्य विषय होता है।
नाम संशोधन के 20 वाद निस्तारित किए गए जिनमें राजस्व अभिलेखों में दर्ज नामों में सुधार किया गया।
निर्विवाद वरासत के 27 वाद निस्तारित हुए जिनमें पारिवारिक सहमति से उत्तराधिकार का निर्धारण किया गया।
अंश संशोधन के 13 वाद निस्तारित हुए जिनमें पहले से दर्ज हिस्सेदारी में आवश्यक बदलाव किए गए।
धारा 116 के अंतर्गत 9 वाद, धारा 24 के 13 वाद और धारा 34 के 3 वाद भी मौके पर ही निस्तारित किए गए।
सभी पक्षों को निस्तारण के तत्काल बाद प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
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ग्रामीणों को मिलेगा त्वरित न्याय
उप जिलाधिकारी हरिशंकर लाल ने बताया कि यह जन चौपाल केवल एक बार का आयोजन नहीं है। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के निर्देश पर बरहज तहसील के विभिन्न ग्रामों में आगे भी इसी प्रकार राजस्व जन चौपालों का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग का प्रयास है कि दूरदराज के गांवों के लोगों को छोटे राजस्व विवादों के लिए तहसील या जिला मुख्यालय न आना पड़े। गांव में ही जन चौपाल के माध्यम से न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी कर प्रमाण पत्र देने से ग्रामीणों का समय और संसाधन दोनों बचते हैं।
इस प्रकार का ग्राम स्तरीय निस्तारण अभियान जनपद में राजस्व प्रकरणों का बोझ कम करने के साथ-साथ ग्रामीण जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास भी बढ़ाता है।


