प्रयागराज। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के रविवार को प्रयागराज पहुंचने पर अंजान आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर विरोध जताया। रुद्राक्ष होटल के बाहर अखिलेश के काफिले के सामने पार्टी के कार्यकर्ता खड़े हो गए और “अखिलेश गो बैक” के नारे लगाने लगे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट हो गई। अंजान आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आशीष दुबे और भदोही जिलाध्यक्ष की सपा कार्यकर्ताओं ने पिटाई की। पुलिस ने बीच-बचाव कर स्थिति नियंत्रित की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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होटल के बाहर काला झंडा
रविवार को अखिलेश यादव एयरपोर्ट से समर्थकों के काफिले के साथ रुद्राक्ष होटल की ओर रवाना हुए। होटल के बाहर पहले से बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता और पुलिस बल तैनात था। इसी दौरान अंजान आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आशुतोष मिश्रा के नेतृत्व में आधा दर्जन से अधिक कार्यकर्ता काला झंडा लेकर काफिले के सामने आ गए।
विरोध प्रदर्शन शुरू होते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। नारेबाजी शुरू होते ही सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध करने वालों को घेर लिया और दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की तथा गाली-गलौज शुरू हो गई। मारपीट में अंजान आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आशीष दुबे की शर्ट तक फट गई। पुलिसकर्मियों ने विरोध कर रहे लोगों को भीड़ से बाहर निकाला और स्थिति नियंत्रित की। इस पूरी घटना के बाद होटल परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। इधर अखिलेश यादव का काफिला सुरक्षा घेरे में होटल के भीतर पहुंच गया जहां उन्होंने पार्टी नेताओं से मुलाकात की और बाद में प्रेस वार्ता को संबोधित किया।
“ब्राह्मणों के नाम पर फिर धोखा”
घटना के बाद अंजान आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आशुतोष मिश्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 2022 में अखिलेश यादव ने ब्राह्मणों के नाम पर उनकी पार्टी के नेताओं को अपने साथ जोड़ा था और बाद में उनके साथ छल किया। उनका आरोप है कि अखिलेश यादव एक बार फिर ब्राह्मण समाज की राजनीति का सहारा लेकर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहते हैं। इसी के विरोध में पार्टी के कार्यकर्ता शांतिपूर्वक काले झंडे दिखाने पहुंचे थे।
प्रदेश अध्यक्ष आशीष दुबे ने कहा कि सपा कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मारपीट की और उनकी शर्ट फाड़ दी। उन्होंने कहा — “हम सिर्फ 10-12 लोग शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने आए थे। अगर मैं वहां से भागता नहीं तो जान जा सकती थी।” उन्होंने सपा पर गुंडागर्दी का आरोप लगाते हुए कहा कि विरोध की आवाज को ताकत से दबाया जा रहा है।
हालांकि दूसरी तरफ भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार अखिलेश यादव द्वारा स्वयं ब्राह्मण समाज के खिलाफ किसी विवादित बयान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विरोध कर रहे लोगों ने ब्राह्मण समाज की भावनाओं के आहत होने का दावा किया था।
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सपा का पक्ष नहीं आया सामने
घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। होटल परिसर के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया। यह घटना उस समय हुई जब अखिलेश यादव BJP सरकार पर पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दों पर हमलावर थे। प्रेस वार्ता में उन्होंने सरकार को कई मोर्चों पर घेरा।
इस पूरे विवाद में अब तक समाजवादी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों से बयान लिए जा रहे हैं और मामले की जांच जारी है।

