प्रयागराज। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव रविवार को दो दिवसीय यात्रा पर प्रयागराज पहुंचे। सिविल लाइंस स्थित एक होटल में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने BJP सरकार पर चौतरफा हमला बोला। राम मंदिर चढ़ावा चोरी, 22 भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, आरक्षण में कटौती और लखनऊ कोचिंग अग्निकांड — इन सभी मुद्दों पर अखिलेश ने सरकार को घेरा। उन्होंने व्यंग्य कसते हुए कहा — “चोर-चोर सौतेले भाई, जिन्होंने चुराई राम की पाई। देखो जा रहा वो भाजपाई जिसने खाई राम की पाई।” साथ ही उन्होंने BJP का नया नामकरण करते हुए इसे “भाचपा” कहा — यानी चतुराई, चंदा, चालबाजी और चोरी की पार्टी।
“चिराग तले अंधेरा, CCTV बंद करके हुई चोरी”
प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी को सबसे प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या जाने का रिकॉर्ड कायम किया है — इतनी बार जाने के बाद भी करोड़ों की चोरी हो गई। इसी को “चिराग तले अंधेरा” कहते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि CCTV बंद करके चोरी होती रही और किसी को खबर नहीं मिली। उनके अनुसार इसमें ऊपर से नीचे तक सबकी मिलीभगत है। अखिलेश ने कहा — “सुना है अयोध्या में चंदा चोरी के तार एक मठ से जुड़े हैं और पैसा मठ में ही ट्रांसफर किया गया है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि चढ़ावा चोरी के तार कर्नाटक और महाराष्ट्र से जुड़े हैं। जो लोग ठेके पर नकली वोटर भेजते थे उनका भंडाफोड़ हो गया है और अब वे यूपी में नहीं घुस पाएंगे।
अखिलेश ने कहा — “भाजपा के शब्दकोश में न धर्म है न शर्म है। इनकी प्राथमिकता नेशन नहीं, डोनेशन है। जो नेशन फर्स्ट की बात करते थे उनके लिए डोनेशन फर्स्ट है।” उन्होंने चेतावनी दी कि अब BJP को न चंदा मिलेगा, न दान और न वोट।
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“10 साल में 20 परीक्षाएं लीक”
पेपर लीक के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने BJP सरकार को विस्तार से घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में 2017 से लगातार भर्ती परीक्षाएं लीक हो रही हैं। इस क्रम में उन्होंने दरोगा भर्ती 2017, जूनियर इंजीनियरिंग भर्ती UPPCL 2018, ग्राम विकास पंचायत भर्ती 2018, नलकूप चालक भर्ती 2018, UP TET 2021, दो बार UPPSC, हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा 2020, 2022 और 2025, सिपाही भर्ती, RO/ARO, UGC NET 2024, SSC GD 2026 और लेखपाल भर्ती 2026 का उल्लेख किया।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि दरोगा भर्ती परीक्षा 6 साल तक लटकी रही और अंततः हाईकोर्ट ने परिणाम रद्द किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 22 भर्ती परीक्षाओं में आरक्षण की लूट की गई। 69 हजार शिक्षक भर्ती 2019 में OBC को 27% की जगह 3.8%, SC को 21% की जगह 16.2% और ST को 2% की जगह शून्य आरक्षण मिला।
अखिलेश ने कहा — “जब तक भाजपाई करते रहेंगे सांसद-विधायक की खरीद, तब तक होता रहेगा पेपर लीक।” उन्होंने सपा का नारा भी दिया — “10 साल में 20 परीक्षाएं लीक।” इसके अलावा CM के जिले गोरखपुर में 500 प्राइमरी स्कूल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद होने का भी मुद्दा उठाया।
सपा के सात वचन
प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने सपा सरकार बनने पर सात वचन निभाने का दावा किया। सबसे पहले उन्होंने यह वादा किया कि पेपर लीक और अन्य कारणों से जिन युवाओं की उम्र सीमा निकल गई है उन्हें तीन वर्षों की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। इसके अतिरिक्त हर विभाग की भर्ती परीक्षाओं का एक कैलेंडर जारी किया जाएगा जिसमें नोटिफिकेशन, परीक्षा और नियुक्ति की समय सीमा पहले से तय होगी।
इसके साथ ही छात्रों को अपने जिले या नजदीकी परीक्षा केंद्र दिया जाएगा। महिला अभ्यर्थियों और दिव्यांग को गृह जिले में परीक्षा केंद्र की प्राथमिकता मिलेगी। परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाएगा — प्रिंटिंग से लेकर ट्रांसपोर्ट, स्ट्रांग रूम और परीक्षा केंद्र तक पूरी प्रक्रिया CCTV और डिजिटल ट्रैकिंग में रहेगी। पेपर लीक के दोषियों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट से समयबद्ध जांच और सजा सुनिश्चित की जाएगी। यदि सरकारी कारण से परीक्षा लीक हुई तो दोबारा परीक्षा फीस नहीं ली जाएगी और एडमिट कार्ड से मुफ्त यात्रा की व्यवस्था होगी।
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“धुएं से दम घुटा, सरकार जवाब दे”
प्रेस कांफ्रेंस के अंत में अखिलेश यादव ने लखनऊ कोचिंग अग्निकांड का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होते तो इतने बच्चों की जान नहीं जाती। आग से कम और धुएं से दम घुटने के कारण अधिक मौतें हुईं। आग बुझाने पहुंचे फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के पास पर्याप्त उपकरण नहीं थे।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रयागराज जैसे शैक्षिक केंद्र में करीब 20 लाख बेरोजगार युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। पेपर लीक के कारण गरीब परिवारों के बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की चर्चा करने पर कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई की जा रही है और सरकार से सवाल करने वाले को सरकारी संस्थाओं के जरिए परेशान किया जाता है।
सपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता पूजा मिश्रा ने भी प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि 2019 के बाद एडेड स्कूलों में शिक्षकों की कोई भर्ती नहीं हुई। 48 लाख छात्रों की मेहनत बर्बाद होने के बाद UP और बिहार में प्रदर्शन हुए।

