लखनऊ। गंगा दशहरा के पावन महापर्व पर सोमवार 25 मई 2026 को पूरे उत्तर भारत में घाट-घाट पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। वाराणसी, प्रयागराज, हरिद्वार, हस्तिनापुर, गाज़ियाबाद और हरदोई समेत दर्जनों शहरों के गंगा घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई। सूर्योदय से पहले ही घाटों पर भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी — और देखते ही देखते हर घाट “हर-हर गंगे” के जयकारों से गूंज उठा। इस वर्ष पुरुषोत्तम मास में गंगा दशहरा पड़ने से पर्व का धार्मिक महत्व कई गुना बढ़ गया।
वाराणसी — दशाश्वमेध घाट पर उमड़ा जनसैलाब
काशी में गंगा दशहरा का उत्सव सबसे भव्य रूप में मनाया गया। दशाश्वमेध घाट पर सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया। देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने मां गंगा में डुबकी लगाकर परिवार की सुख-समृद्धि और पूर्वजों की आत्मा की शांति की कामना की। 84 घाटों पर विशेष व्यवस्था की गई थी। PAC के प्रशिक्षित गोताखोर घाटों पर लगातार गश्त करते रहे।
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प्रयागराज — त्रिवेणी संगम पर पितृ तर्पण और गंगा स्नान
संगम नगरी प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर गंगा दशहरा का पर्व विशेष उल्लास के साथ मनाया गया। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के इस पावन संगम पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। हजारों श्रद्धालुओं ने पितृ तर्पण और गंगा स्नान कर अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति की कामना की। पुरोहितों के मार्गदर्शन में विशेष पूजन-अर्चना संपन्न हुई और जरूरतमंदों को दान-पुण्य कर श्रद्धालुओं ने पुण्य लाभ अर्जित किया। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों समेत हर वर्ग के लोग संगम तट पर पहुँचे। “हर-हर गंगे” और “जय मां गंगे” के जयकारों से पूरा संगम क्षेत्र गुंजायमान रहा। PAC के गोताखोर और पुलिस बल तट पर सुरक्षा व्यवस्था संभालते रहे।
हरिद्वार — हर की पैड़ी पर लगी आस्था की डुबकी
हरिद्वार में गंगा दशहरा पर हर की पैड़ी के अलावा सुभाष घाट, कुशा घाट, चंडी घाट और कनखल के ऐतिहासिक राजघाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। ऋषिकेश और देवप्रयाग में भी लाखों श्रद्धालुओं ने मां गंगा की आराधना की। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने 23 मई की रात 12 बजे से ही शहर में सभी भारी वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया था। एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि रूट डायवर्जन प्लान को सख्ती से लागू किया गया — ताकि श्रद्धालुओं को घाट तक पहुँचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
गाज़ियाबाद — गंगनहर घाट पर मेले जैसा नजारा
गाज़ियाबाद के गंगनहर घाट पर भी सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया। बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे स्नान के लिए पहुँचे जिससे पूरे घाट क्षेत्र में मेले जैसा नजारा दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने मां गंगा की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। पुलिस बल के साथ PAC फ्लड कंपनी के प्रशिक्षित गोताखोर लगातार गश्त करते रहे ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत बचाव किया जा सके।
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हस्तिनापुर के घाटों पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब
हस्तिनापुर के मखदूमपुर और भीमकुंड गंगा घाट श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से पट गए। सुबह सूर्योदय से पहले ही श्रद्धालु पहुँचने लगे थे और दिन चढ़ने के साथ भीड़ का दबाव लगातार बढ़ता गया। स्थिति यह हो गई कि कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कमजोर पड़ गई और लोग आगे बढ़ने लगे। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने घाट का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और श्रद्धालुओं से गहरे पानी में न जाने की अपील की। PAC के प्रशिक्षित गोताखोर लगातार गश्त पर रहे ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत बचाव किया जा सके।
हरदोई — बेरिया घाट और राजघाट पर विशेष इंतजाम
हरदोई के थाना मल्लावां क्षेत्र के बेरिया घाट और थाना बिलग्राम क्षेत्र के राजघाट पर हजारों श्रद्धालु पहुँचे। भीड़ के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए पुलिस ने भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू किया। 24 मई शाम 4 बजे से 26 मई तक ट्रक, टैंकर, डंपर और अन्य मालवाहक वाहनों का संचालन प्रतिबंधित रहेगा।
सुरक्षा के व्यापक इंतजाम — हर घाट पर गोताखोर तैनात
सभी घाटों पर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। हर घाट पर PAC के प्रशिक्षित गोताखोर और पुलिस बल तैनात रहे।। लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर स्नान करने की अपील की गई। महिला पुलिसकर्मी भी भीड़ के बीच तैनात रहीं। पर्व के दौरान बिजली आपूर्ति, स्वच्छता और पेयजल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई। सभी घाटों पर पूरे दिन शांतिपूर्ण और उत्सवमय वातावरण बना रहा।
