ग्रेटर नोएडा। दनकौर क्षेत्र के राजपुर कला गांव में विवाह के महज आठ महीने बाद एक युवती की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। 20 जून को घर पर संदिग्ध परिस्थितियों में निशा का शव मिला था। मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाया। मंगलवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी पति पवन को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। तीन अन्य नामजद आरोपी अभी फरार हैं।
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दहेज की मांग, फिर हत्या का आरोप
मेरठ के किनौनी गांव निवासी नितिन की बहन निशा की शादी करीब आठ महीने पहले राजपुर कला गांव के पवन से हुई थी। नितिन के मुताबिक शादी के कुछ ही समय बाद ससुराल पक्ष ने ₹10 लाख नकद और एक स्कॉर्पियो की मांग करनी शुरू कर दी। जब यह मांग पूरी नहीं हुई तो निशा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
परिजनों का आरोप है कि शनिवार को पति पवन और उसके घरवालों ने मिलकर गला दबाकर निशा की हत्या कर दी। 20 जून को जब घर पर शव मिला तो परिजन दनकौर कोतवाली पहुंचे और पूरी आपबीती दर्ज कराई। पुलिस ने दहेज हत्या समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
उल्लेखनीय है कि आरोपी पवन के खिलाफ दनकौर कोतवाली में पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं — यह तथ्य जांच को और गंभीर बनाता है।
पति गिरफ्तार, तीन आरोपी फरार
साक्ष्य जुटाने के बाद मंगलवार को पुलिस ने आरोपी पति पवन को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया। कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि मामले में नामजद जेठ पंकज, भीम और जेठानी पिंकी अभी तक फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा।
निशा के परिजनों ने सभी आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि बेटी को न्याय मिलना चाहिए और दहेज के लिए जान लेने वालों को कड़ी सजा होनी चाहिए।
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कभी न खत्म होने वाला जख्म
यह पहला मामला नहीं है जब किसी नवविवाहिता की जान दहेज की भूख ने ली हो। आठ महीने की शादी में निशा ने जो झेला — मांग, प्रताड़ना और अंततः मौत — वह उस सोच की देन है जो बेटी को बोझ और शादी को सौदे में बदल देती है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मुख्य आरोपी तो पकड़ा गया, लेकिन जब तक फरार आरोपी गिरफ्तार नहीं होते और अदालत से सजा नहीं मिलती — न्याय अधूरा है। निशा के परिजन उस फैसले का इंतजार कर रहे हैं जो शायद उनकी बेटी को वापस तो नहीं लाएगा, लेकिन दोषियों को सलाखों के पीछे जरूर पहुंचाएगा।

