नोएडा। थाना सेक्टर-20 पुलिस ने भीड़भाड़ वाले इलाकों में मोबाइल चोरी करने वाले एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान विक्की (टैक्सी चालक) और आसिफ (कपड़ों की फेरी लगाने वाला) के रूप में हुई है। दोनों को सेक्टर-18 के सामने स्थित एक पार्क के पास से गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 49 मोबाइल फोन और दो अवैध चाकू बरामद किए गए हैं। अतिरिक्त DCP मनीषा सिंह ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर यह कार्रवाई की गई। आरोपियों से मुकदमा संख्या 213/2026 (थाना सेक्टर-20) में चोरी की संलिप्तता स्वीकार कराई जा चुकी है।
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फेरी और टैक्सी की आड़ में रेकी
पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपियों ने अपने-अपने काम को चोरी के लिए ढाल के रूप में इस्तेमाल किया। आसिफ कपड़ों की फेरी लगाते हुए भीड़भाड़ वाले बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर रेकी करता था। विक्की टैक्सी चलाने के बहाने अलग-अलग इलाकों में घूमता और संभावित ठिकानों की निगरानी करता था।
मौका देखते ही दोनों लोगों की जेब से मोबाइल उड़ाकर तुरंत वहां से निकल जाते थे। इस तरीके से वारदात होने के बाद पीड़ितों को काफी देर बाद चोरी का पता चलता था। तब तक आरोपी सुरक्षित जगह पहुंच चुके होते थे।
पुलिस के मुताबिक यह गिरोह लंबे समय से नोएडा और एनसीआर क्षेत्र में सक्रिय था। अपने पास दो चाकू रखते थे ताकि पकड़े जाने की स्थिति में विरोध करने वाले को डरा सकें।
दो मुकदमों में संलिप्तता स्वीकार
गिरफ्तारी के बाद तलाशी में दोनों आरोपियों के पास से 49 मोबाइल फोन मिले। इनमें से एक Vivo कंपनी का मोबाइल थाना सेक्टर-24 में दर्ज मुकदमा संख्या 253/2026 से संबंधित पाया गया। इसके अलावा आरोपियों ने थाना सेक्टर-20 के मुकदमा संख्या 213/2026 में भी अपनी संलिप्तता कबूल की।
लूटे गए मोबाइलों को अलग-अलग जगहों पर बेचकर अवैध कमाई की जाती थी। पुलिस अब बरामद सभी 49 मोबाइल के वास्तविक मालिकों की पहचान करने में जुटी है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद फोन उनके असली मालिकों को लौटाए जाएंगे।
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आपराधिक रिकॉर्ड की जांच जारी
ADCP मनीषा सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। अन्य संभावित साथियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। यह भी जांचा जा रहा है कि दोनों किसी बड़े संगठित गिरोह से जुड़े थे या मिलकर स्वतंत्र रूप से वारदातें करते थे।
आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है ताकि नोएडा और एनसीआर में हुई अन्य मोबाइल चोरी की घटनाओं में उनकी भूमिका का पता चल सके। पुलिस को उम्मीद है कि आगे की पूछताछ में और वारदातों का खुलासा होगा।

