नोएडा। सेक्टर-24 थाना पुलिस ने ऑनलाइन फर्जी फ्रेंडशिप क्लब के जरिए लोगों को फंसाकर लूटपाट करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें तीन महिलाएं शामिल हैं। एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। गिरोह के पास से लूटी गई फॉर्च्यूनर कार, वारदात में इस्तेमाल दो अन्य वाहन और एक चाकू बरामद हुआ है।
सेक्टर-54 से हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने आरोपियों को सेक्टर-54 स्थित खरगोश पार्क के पास से पकड़ा। गिरफ्तार लोगों की पहचान ओमवीर यादव, मंजेश यादव, निधि यादव, प्रियंका यादव और काजल उर्फ रिया यादव के रूप में हुई है। एडिशनल डीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि यह गिरोह सोशल मीडिया पर फर्जी फ्रेंडशिप क्लब चलाता था। गैंग का एक सदस्य पहले ग्राहकों से संपर्क साधता, फिर महिला सदस्य मिलने का बहाना बनाकर उन्हें अपनी कार में बैठा लेती थीं।
इसके बाद पीड़ित को सुनसान इलाके में ले जाया जाता, जहां गिरोह के अन्य सदस्य पहले से मौजूद रहते थे। वहां मारपीट कर पीड़ित से लूटपाट की जाती थी। पुलिस के मुताबिक एक कार में तीन-चार आरोपी बैठते थे, जबकि बाकी सदस्य दूसरी गाड़ी से पीछे-पीछे चलते थे ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद कर सकें।
30 जून की वारदात
पूछताछ में सामने आया कि 30 जून की रात गिरोह ने इसी तरीके से एक युवक को निशाना बनाया था। सेक्टर-54 स्थित पेट्रोल पंप के पास पीड़ित को कार में बैठाया गया और सुनसान जगह ले जाकर उसके साथ मारपीट की गई। आरोपियों ने उसका मोबाइल छीनकर जबरन लॉक खुलवाया और यूपीआई के जरिए करीब 18 हजार रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद पीड़ित का पर्स और कार की चाबी छीनकर उसकी फॉर्च्यूनर कार भी लूट ली गई और आरोपी फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के अलावा पंकज यादव, जीतू यादव उर्फ छोटू, रिशु यादव और अभिषेक यादव भी इस गिरोह में शामिल हैं, जिनकी तलाश जारी है।
दिल्ली-एनसीआर में फैला नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में इसी तरीके से लोगों को फंसाकर लूट की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ फिरोजाबाद, औरैया और मैनपुरी जैसे जिलों के निवासी बताए गए हैं। पुलिस अब बाकी फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
पूछताछ के आधार पर अन्य पुराने मामलों की भी जांच की जा रही है, ताकि पता चल सके कि इस गिरोह ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस के मुताबिक बाकी फरार सदस्यों की तलाश जारी है और जल्द उनकी गिरफ्तारी की उम्मीद है।

