नई दिल्ली। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ सी. विजय बुधवार को अपनी पहली आधिकारिक दिल्ली यात्रा पर हैं। पद संभालने के बाद यह उनका पहला राष्ट्रीय राजधानी दौरा है। इस यात्रा में वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात करेंगे। तमिलनाडु के लिए विशेष वित्तीय सहायता और कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की मंजूरी उनकी इस यात्रा का मुख्य एजेंडा है। यह दौरा एक ही दिन का है — विजय आज दिल्ली पहुँचे और उसी दिन चेन्नई लौटेंगे।
किन मुद्दों पर चर्चा होगी विजय की
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री विजय केंद्र सरकार के सामने कई ज्ञापन पेश करेंगे। इनमें तमिलनाडु को बढ़ी हुई वित्तीय सहायता, लंबित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की शीघ्र स्वीकृति, औद्योगिक विकास को गति देने के लिए केंद्रीय समर्थन, कल्याण कार्यक्रमों के लिए अतिरिक्त फंड और राज्य की कनेक्टिविटी परियोजनाओं में तेजी लाने की माँग शामिल है। नई सरकार का यह पहला बड़ा केंद्र-राज्य संवाद है — जिसमें तमिलनाडु की विकास प्राथमिकताओं को लेकर विस्तृत रोडमैप पेश किया जाएगा। राज्य सरकार के अधिकारियों ने भी इस दौरे की तैयारी में कई दिन लगाए हैं।
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ऐतिहासिक जीत के बाद पहला बड़ा कदम
तमिलनाडु की राजनीति में अभी तक जो नहीं हुआ था — वह TVK ने कर दिखाया। जोसेफ सी. विजय की पार्टी ने अपना पहला ही विधानसभा चुनाव लड़ा और 234 में से 108 सीटें अपने नाम कर लीं। किसी नई पार्टी के लिए पहले ही चुनाव में इतना बड़ा जनादेश — तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास में इसकी कोई मिसाल नहीं। बहुमत के लिए 118 सीटें जरूरी थीं — इसलिए विजय ने कांग्रेस, वाम दल, IUML और VCK का समर्थन लेकर गठबंधन सरकार बनाई। 1967 के बाद यह पहली बार है जब तमिलनाडु में किसी गैर-द्रविड़ पार्टी ने सत्ता हासिल की है — यानी लगभग छह दशकों की द्रविड़ राजनीति की परंपरा टूटी है।
PM मोदी पहले ही दे चुके हैं बधाई
जब विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी — तब प्रधानमंत्री मोदी ने फोन कर उन्हें बधाई दी थी और केंद्र से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया था। शपथ ग्रहण समारोह में कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय नेता, फिल्म जगत की हस्तियाँ और हजारों समर्थक मौजूद थे। आज की यह मुलाकात उसी सिलसिले को आगे बढ़ाती है — जहाँ दोनों नेता आमने-सामने बैठकर तमिलनाडु के विकास पर विस्तृत चर्चा करेंगे। केंद्र और राज्य के बीच यह संवाद इसलिए भी जरूरी है क्योंकि कई बड़ी परियोजनाएं केंद्रीय मंजूरी का इंतजार कर रही हैं।
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राजनीतिक दृष्टि से भी अहम
एक अभिनेता से राजनेता और फिर मुख्यमंत्री तक का विजय का सफर पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। चुनाव से पहले उन्होंने BJP को “वैचारिक दुश्मन” कहा था और किसी भी हाल में उनसे गठबंधन न करने की बात कही थी। उन्होंने DMK और AIADMK दोनों से भी दूरी बनाए रखी और अकेले दम पर चुनाव लड़ा। ऐसे में आज की यह मुलाकात न सिर्फ प्रशासनिक बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम मानी जा रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि जो नेता कभी BJP को वैचारिक विरोधी कहता था — वह आज PM मोदी के साथ किस लहजे में बात करता है और दोनों के बीच किस तरह का कार्यकारी संबंध बनते हैं।
