गाज़ीपुर। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के बाद केंद्र सरकार ने अब दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की तैयारी तेज कर दी है। यह देश का सबसे लंबा प्रस्तावित बुलेट ट्रेन रूट होगा जिसकी कुल लंबाई करीब 1,705 किलोमीटर होगी। इस परियोजना से उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल समेत चार राज्यों की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। गाज़ीपुर और पूर्वांचल के निवासियों के लिए यह परियोजना विशेष महत्व रखती है क्योंकि वाराणसी के हाईस्पीड नेटवर्क से जुड़ने के बाद दिल्ली तक का सफर महज 3 घंटे 50 मिनट में पूरा हो सकेगा। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस परियोजना की जानकारी दी है।
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दिल्ली से वाराणसी 3 घंटे 50 मिनट
दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की कुल लंबाई 865 किलोमीटर होगी। इस रूट पर ट्रेन की अधिकतम गति 320 किलोमीटर प्रति घंटे तक होगी। वर्तमान में दिल्ली से वाराणसी ट्रेन से पहुंचने में 11 से 12 घंटे लगते हैं। बुलेट ट्रेन के आने के बाद यह दूरी महज 3 घंटे 50 मिनट में तय होगी। इसी तरह दिल्ली से लखनऊ का सफर 2 घंटे 10 मिनट में और नोएडा एयरपोर्ट से लखनऊ 1 घंटे 40 मिनट में पूरा हो सकेगा।
प्रस्तावित रूट में दिल्ली (हजरत निजामुद्दीन), नोएडा, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, न्यू भदोही और वाराणसी शामिल हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर पर भूमिगत स्टेशन बनाया जाएगा। इसके अलावा अयोध्या-लखनऊ के लिए 135 किलोमीटर का अलग लिंक कॉरिडोर भी प्रस्तावित है। इस पूरे कॉरिडोर की अनुमानित लागत ₹1.21 लाख करोड़ बताई गई है।
दिल्ली से सिलीगुड़ी 6 घंटे
सरकार की योजना पहले दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर को पूरा करने की है। इसके बाद इसे वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी तक विस्तार दिया जाएगा। दोनों को मिलाकर दिल्ली-सिलीगुड़ी की कुल लंबाई करीब 1,705 किलोमीटर होगी जो देश का सबसे लंबा प्रस्तावित बुलेट ट्रेन रूट होगा।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नोएडा में कहा कि इस हाईस्पीड लाइन से पश्चिम बंगाल उत्तर भारत के प्रमुख केंद्रों से सीधे जुड़ जाएगा। वर्तमान में दिल्ली से सिलीगुड़ी पहुंचने में 20 घंटे लगते हैं जो बुलेट ट्रेन से सिर्फ 6 घंटे रह जाएंगे। इस परियोजना से यात्रा का समय 15 से 16 घंटे कम हो जाएगा। भविष्य में वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर को असम के गुवाहाटी तक बढ़ाने की भी योजना है।
NHSRCL और रेल मंत्रालय दिल्ली को देश का सबसे बड़ा हाईस्पीड रेल हब बनाने की तैयारी में हैं। दिल्ली से प्रस्तावित चार प्रमुख बुलेट ट्रेन कॉरिडोर हैं — दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी, दिल्ली-अहमदाबाद, दिल्ली-अमृतसर-जम्मू और दिल्ली-वाराणसी (अयोध्या लिंक सहित)। लक्ष्य है कि दो वर्षों के भीतर परियोजना पर काम शुरू हो सके।
पूर्वांचल को मिलेगा सीधा लाभ
गाज़ीपुर जनपद वाराणसी से महज कुछ घंटों की दूरी पर है। वाराणसी के बुलेट ट्रेन नेटवर्क से जुड़ने के बाद गाज़ीपुर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों के निवासियों के लिए राजधानी दिल्ली तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा। वर्तमान में दिल्ली से वाराणसी और आगे गाज़ीपुर तक पहुंचने में एक दिन से अधिक का समय लगता है। बुलेट ट्रेन के बाद यह फासला कुछ घंटों का रह जाएगा।

इस परियोजना से पूर्वांचल की आर्थिक, धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। व्यापार, निवेश, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। स्थानीय उद्यमियों के लिए दिल्ली और देश के अन्य बड़े शहरों से कारोबारी संपर्क बढ़ेगा। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
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320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार
भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन B35 का निर्माण BEML कर रही है। इसे 280 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलाने के हिसाब से डिजाइन किया जा रहा है। तकनीक के विकास के साथ इसे 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक बढ़ाया जाएगा। यह स्वदेशी बुलेट ट्रेन अगस्त 2027 में अहमदाबाद-मुंबई कॉरिडोर पर सूरत और बिलिमोरा के बीच 100 किलोमीटर के रूट पर पहला ट्रायल शुरू करेगी।
यह ट्रेन जापान की शिनकान्सेन E5 सीरीज की तकनीक पर आधारित होगी। इसका अगला हिस्सा पक्षी की चोंच जैसा लंबा होगा जो हवा के दबाव को कम करता है। 50 डिग्री तक गर्मी और उमस झेलने के लिए खास कूलिंग सिस्टम और एयर फिल्टर के साथ बनाई जाएगी। सात बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर कुल ₹16 लाख करोड़ खर्च होंगे। रेलवे हर साल 250 किलोमीटर बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बनाएगा।
बुलेट ट्रेन यात्रा में हवाई यात्रा के मुकाबले कई फायदे हैं। एयरपोर्ट घंटों पहले पहुंचने और सुरक्षा जांच का झंझट नहीं होगा। स्टेशन शहर के भीतर होने से समय और पैसा दोनों बचेंगे। वर्तमान में दिल्ली से सिलीगुड़ी हवाई यात्रा में कुल 5 घंटे लगते हैं — बुलेट ट्रेन से 6 घंटे में यह सफर होगा लेकिन शहर से स्टेशन तक की सुविधा और किराये में बड़ा फर्क होगा।



