सिंगापुर। कभी भारत के सबसे बड़े एडटेक साम्राज्य के मालिक रहे बायजू रवींद्रन को अब जेल की हवा खानी होगी। सिंगापुर की एक अदालत ने बुधवार को उन्हें 6 महीने की जेल की सजा सुनाई है। यह सजा अदालत की अवमानना के मामले में दी गई है — जिसमें उन पर अपनी संपत्ति से जुड़े कोर्ट के कई आदेशों की अनदेखी करने का आरोप था।
क्या है पूरा मामला
सिंगापुर की अदालत ने पाया कि बायजू रवींद्रन ने अप्रैल 2024 से लेकर अब तक संपत्ति के खुलासे से जुड़े कई कोर्ट आदेशों का बार-बार उल्लंघन किया। अदालत ने उन्हें न केवल 6 महीने जेल में रहने का आदेश दिया, बल्कि SG$90,000 (लगभग ₹58 लाख) कानूनी खर्च भी चुकाने को कहा। इसके साथ ही उन्हें Beeaar Investco Pte नामक कंपनी में अपनी हिस्सेदारी से जुड़े दस्तावेज़ भी पेश करने के निर्देश दिए गए। कोर्ट ने 15 जून की तारीख तय की है — तब तक वे अपील का विकल्प चुन सकते हैं।
बायजू ने क्या कहा
सजा के तुरंत बाद बायजू रवींद्रन ने सोशल मीडिया पर अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा — “यह कोई धोखाधड़ी का मामला नहीं है — यह सिर्फ दस्तावेज़ के खुलासे का विवाद है। सच्चाई किसी अखबार की सुर्खी से नहीं बदलती।” उन्होंने यह भी दावा किया कि सभी पक्षों के बीच एक समझौते की बात लगभग पूरी हो चुकी थी — और QIA (Qatar Investment Authority) का अदालत में जाना एक अनावश्यक दबाव था।
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$22 अरब से शून्य तक का सफर
बायजू रवींद्रन एक स्कूल टीचर थे — जिन्होंने 2011 में अपने दम पर एक छोटी सी ऑनलाइन पढ़ाई की शुरुआत की। एक दशक के भीतर उनकी कंपनी भारत की सबसे चर्चित स्टार्टअप बन गई। कोरोना महामारी के दौरान जब स्कूल-कॉलेज बंद हुए और बच्चे घरों में कैद हो गए — तब Byju’s ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया। निवेशकों का पैसा आता रहा, कंपनियां खरीदी जाती रहीं। Aakash Educational Services और WhiteHat Jr जैसे बड़े नाम इसी दौर में Byju’s के अधीन आए।
लेकिन जितनी तेज़ी से यह साम्राज्य खड़ा हुआ — उससे भी तेज़ी से गिरा। कर्ज बढ़ता गया, वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप लगते रहे और निवेशकों का भरोसा टूटता गया। 2024 में खुद बायजू रवींद्रन ने मान लिया कि उनकी कंपनी की कीमत अब “शून्य” रह गई है — वही कंपनी जिसे कभी 22 अरब डॉलर में आंका गया था।
कई देशों में चल रहे हैं मुकदमे
यह सिंगापुर का फैसला सिर्फ एक मोर्चे की लड़ाई है। अमेरिका में कर्जदाताओं ने 1.2 अरब डॉलर के बैड लोन की वसूली के लिए मुकदमा दायर किया हुआ है। भारत में भी कंपनी के खिलाफ कई कानूनी कार्यवाहियां चल रही हैं। लाखों भारतीय छात्र और अभिभावक जो Byju’s के कोर्सेज के लिए भारी फीस चुका चुके हैं — उनका पैसा आज भी अधर में है।
15 जून को अगली सुनवाई
सिंगापुर अदालत ने अगली सुनवाई 15 जून 2026 को तय की है। बायजू रवींद्रन फिलहाल अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण के आदेश के साथ खड़े हैं। अदालत ने उनके सभी तर्क — समझौते की बातचीत, सक्रिय भागीदारी न करने की वजह — खारिज कर दिए। अब 15 जून की सुनवाई तय करेगी कि बायजू रवींद्रन का अगला कदम क्या होगा — अपील, समर्पण, या फिर कोई नया मोड़।
