पुणे। लोनावला के लोहगढ़ किले पर 18 जून को रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में जांच में नए तथ्य सामने आए हैं। पुलिस ने आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सिया गोयल ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि परिवार के सामने शादी तोड़ने की जगह मंगेतर की हत्या करना उन्हें आसान रास्ता लगा। पुणे और लोनावला पुलिस ने मामले की जांच के लिए छह विशेष टीमें गठित की हैं। सिया के माता-पिता से लोनावला सिटी पुलिस स्टेशन में पूछताछ की जा रही है जबकि भाई साहिल गोयल को दूसरे दौर की पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
यह भी पढ़ें: 18 साल बाद अक्षय-सैफ आएंगे एक साथ नज़र
शादी से बचने के लिए रची हत्या की साजिश
पुणे के रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की 18 जून को लोनावला के लोहगढ़ किले की एक चट्टान से गिरने के बाद मौत हो गई थी। जांचकर्ताओं के अनुसार सिया गोयल और चेतन चौधरी ने मिलकर हत्या की साजिश रची। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने केतन को चट्टान से धकेला।
पुलिस पूछताछ में सिया ने कथित तौर पर बताया कि नवंबर में केतन से उनकी शादी तय थी लेकिन वह यह शादी नहीं करना चाहती थीं। परिवार के सामने शादी से मना करने पर समाज में शर्मिंदगी का डर था। इसी कारण उन्हें लगा कि मंगेतर को रास्ते से हटाना आसान विकल्प होगा। सिया का कहना था कि अगर केतन नहीं रहे तो शादी टलेगी और कम से कम तीन साल का समय मिल जाएगा।
सह-आरोपी चेतन चौधरी भी शादी के लिए दो से तीन साल का अतिरिक्त समय चाहता था। जांचकर्ताओं के अनुसार इसी सोच के आधार पर दोनों ने केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
क्रिकेट मैच में हुई थी पहली मुलाकात
जांचकर्ताओं के मुताबिक कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से पता चला है कि जनवरी 2026 से अब तक सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच 2,000 से अधिक बार बातचीत हुई। दोनों की कुल बातचीत का समय करीब 238 घंटे रहा। यह रिकॉर्ड जांचकर्ताओं के लिए अहम सुराग बना है।
साहिल गोयल ने करीब 10 घंटे की पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह चेतन चौधरी को पहले से जानते थे। सिया और चेतन की पहली मुलाकात एक क्रिकेट मैच के दौरान हुई थी। पिछले साल एक साझा मित्र के घर दिवाली पार्टी में दोबारा मिलने के बाद दोनों की नज़दीकियां बढ़ीं।
सिया के माता-पिता ने पुलिस के सामने चेतन चौधरी से कभी मिलने या बात करने से इनकार किया है। वहीं सिया गोयल के वकील का कहना है कि चेतन और सिया के बीच सिर्फ दोस्ती थी। डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है और दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन से डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने की कोशिश की जा रही है।
यह भी पढ़ें: भरत तिवारी एनकाउंटर में पांच गोलियों की पुष्टि
परिजनों से जारी पूछताछ
पुणे ग्रामीण पुलिस और लोनावला पुलिस ने संयुक्त रूप से इस मामले की जांच के लिए छह विशेष टीमें गठित की हैं। जांच के दायरे में डिजिटल साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड और घटनास्थल से मिले सुराग शामिल हैं।
सिया गोयल के माता-पिता से लोनावला सिटी पुलिस स्टेशन में पूछताछ चल रही है। भाई साहिल गोयल को दूसरे दौर की पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों की कथित भूमिका से जुड़े कई अहम सुराग मिल चुके हैं। मोबाइल फोन से डिलीट किए गए डेटा की रिकवरी के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।
सिया गोयल के वकील ने पुलिस के दावों को चुनौती दी है। उनका कहना है कि पूछताछ में जो कुछ भी सामने आया है वह पुलिस का अपना दावा है और अदालत में सबूतों की कसौटी पर यह साबित करना होगा। मामले की अगली सुनवाई में दोनों पक्षों के बयान और डिजिटल साक्ष्य अहम भूमिका निभाएंगे।

