गाज़ीपुर। गाज़ीपुर शहर के 12 प्रमुख तिराहों और चौराहों पर यातायात व्यवस्था संभालने वाले कर्मी इन दिनों 41 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी में बिना किसी ट्रैफिक बूथ के खुली धूप में ड्यूटी करने को मजबूर हैं। जिले में कुल 92 यातायात कर्मी हैं जिनमें से 74 शहर में तैनात हैं लेकिन उनकी सुविधा के लिए पूरे शहर में एक भी बूथ नहीं है।
गर्मी के इस मौसम में जब आम लोग एसी, कूलर और पंखों का सहारा ले रहे हैं तब ये कर्मी प्रचंड धूप में भी अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट रहे। शहर में जाम न लगे, एंबुलेंस समय पर अस्पताल पहुंचे और आमजन को राहत मिले — इसके लिए यातायात कर्मी दिन-रात मैदान में डटे रहते हैं।
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इकलौता बूथ भी हो गया पिंक बूथ
करीब सात साल पहले लंका क्षेत्र में यातायात कर्मियों के लिए शहर का एकमात्र ट्रैफिक बूथ तैयार किया गया था। हालांकि 27 जनवरी 2024 को इसे पिंक बूथ का रूप दे दिया गया जिसके बाद से कर्मियों के पास कोई आश्रय स्थल नहीं बचा। अब स्थिति यह है कि शहर के किसी भी चौराहे पर ट्रैफिक बूथ की सुविधा नहीं है और कर्मी खुली सड़क पर खड़े होकर ड्यूटी करने को विवश हैं।
महुआबाग और लंका — सबसे व्यस्त चौराहे
महुआबाग चौराहे पर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज को हाल ही में पुलिस भर्ती परीक्षा का केंद्र बनाया गया था। सामान्य दिनों में भी यह चौराहा काफी व्यस्त रहता है लेकिन परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों और अभिभावकों की भारी भीड़ के कारण जाम की स्थिति और विकट हो गई। भीषण गर्मी में बिना बूथ के यातायात कर्मी घंटों खड़े रहकर व्यवस्था संभालते नजर आए।
वहीं लंका क्षेत्र में सिटी रेलवे स्टेशन के साथ-साथ निजी बस और ऑटो स्टैंड भी हैं। यह मार्ग वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन को सीधे जोड़ता है जिससे यहां प्रतिदिन वाहनों की भारी आवाजाही रहती है। इसके बावजूद इस महत्वपूर्ण चौराहे पर कोई ट्रैफिक बूथ नहीं है।
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त्योहारों में और बढ़ जाती है जिम्मेदारी
पर्व-त्योहारों और प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान यातायात कर्मियों की चुनौती कई गुना बढ़ जाती है। शहर की रफ्तार थमे नहीं इसके लिए प्रशासन पूरी तरह इन कर्मियों पर निर्भर रहता है। इसके अलावा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, सार्वजनिक कार्यक्रमों और VIP मूवमेंट के दौरान भी यातायात व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी इन्हीं के कंधों पर होती है।
बूथ की मांग पर प्रशासन का आश्वासन
शहरवासियों का मानना है कि कड़ी धूप हो या बारिश — हर मौसम में सड़क पर खड़े रहकर शहर को जाम से बचाने वाले यातायात कर्मियों के लिए हर चौराहे पर ट्रैफिक बूथ होना उनका बुनियादी हक है। पर्व-त्योहार, परीक्षाएं और VIP मूवमेंट के दौरान भी इन्हीं कर्मियों पर पूरा बोझ रहता है ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उन्हें न्यूनतम सुविधाएं मिलें। इस संबंध में नगर पालिका परिषद गाज़ीपुर के ईओ ने बताया कि प्रमुख तिराहों और चौराहों पर ट्रैफिक बूथ बनाने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।



