गाज़ीपुर। व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर गाज़ीपुर पुलिस ने सोमवार को एक अहम पहल की। पुलिस लाइन सभागार में व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ की बैठक आयोजित की गई, जिसमें उत्तर प्रदेश व्यापारिक प्रतिमंडल के अध्यक्ष एवं सदस्य, व्यापार मंडल के सदस्य और जिले के प्रमुख व्यापारी तथा उद्यमी एक मंच पर आए। क्षेत्राधिकारी नगर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में अपराध नियंत्रण, CCTV निगरानी और पुलिस-व्यापारी समन्वय पर गहन विमर्श हुआ।
व्यापारियों की सुरक्षा प्राथमिकता
बैठक में उत्तर प्रदेश व्यापारिक प्रतिमंडल के पदाधिकारियों, व्यापार मंडल के सदस्यों और जिले के विभिन्न क्षेत्रों के व्यापारियों ने हिस्सा लिया। क्षेत्राधिकारी नगर ने बैठक की शुरुआत में स्पष्ट किया कि व्यापारियों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने कहा कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को देखते हुए पुलिस और व्यापारिक वर्ग को मिलकर काम करना होगा।
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बैठक में व्यापारियों ने अपने-अपने इलाकों में हुई आपराधिक घटनाओं और सुरक्षा संबंधी समस्याओं को खुलकर रखा। पुलिस अधिकारियों ने हर समस्या को ध्यान से सुना और उनके समाधान पर चर्चा की। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि व्यापारियों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचेगी।
क्षेत्राधिकारी नगर ने कहा कि बदलते दौर में अपराध नियंत्रण के लिए तकनीक का इस्तेमाल जरूरी हो गया है। उन्होंने सभी व्यापारियों से अपील की कि वे अपनी दुकानों, प्रतिष्ठानों और गोदामों में CCTV कैमरे अनिवार्य रूप से लगवाएं। उन्होंने यह भी कहा कि कैमरों को सिर्फ लगाना नहीं, बल्कि उन्हें नियमित रूप से चालू हालत में रखना भी जरूरी है — क्योंकि बंद कैमरा किसी काम का नहीं।
CCTV और सतर्कता पर जोर
बैठक में व्यापारियों को सुरक्षा के कई व्यावहारिक उपाय सुझाए गए। संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर नजर रखने, बड़ी नकद राशि के लेनदेन में विशेष सावधानी बरतने और किसी भी आपात स्थिति में बिना देरी पुलिस को सूचित करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा संबंधी कोई भी जानकारी या सुझाव पुलिस के साथ साझा किए जाने चाहिए — चाहे वह कितनी भी छोटी क्यों न हो।
क्षेत्राधिकारी ने यह भी कहा कि अपराध नियंत्रण सिर्फ पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। जब तक व्यापारिक वर्ग और आम नागरिक पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर नहीं चलते, तब तक पूरी तरह सुरक्षित माहौल बनाना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ का यही उद्देश्य है — पुलिस और व्यापारिक समुदाय के बीच एक मजबूत और भरोसेमंद कड़ी बनाना।
पुलिस-व्यापारी समन्वय मजबूत होगा
बैठक में यह भी तय किया गया कि पुलिस और व्यापारियों के बीच संवाद का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ नियमित अंतराल पर ऐसी गोष्ठियां आयोजित करता रहेगा ताकि व्यापारियों की समस्याएं सीधे पुलिस तक पहुंचें और उनका त्वरित निराकरण हो सके।
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पुलिस अधिकारियों ने व्यापारियों से कहा कि यदि कोई व्यक्ति बार-बार उनके प्रतिष्ठान के आसपास मंडराता दिखे, या कोई संदिग्ध हरकत नजर आए, तो तुरंत नजदीकी थाने को सूचित करें। देरी से दी गई सूचना कई बार बड़े नुकसान का कारण बन जाती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि व्यापारियों की कोई भी सूचना गोपनीय रखी जाएगी।
बैठक के दौरान व्यापारियों ने रात के समय गश्त बढ़ाने, व्यापारिक इलाकों में अतिरिक्त पुलिस तैनाती और हेल्पलाइन नंबरों के व्यापक प्रचार-प्रसार की मांग भी रखी। पुलिस अधिकारियों ने इन सुझावों को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन समेत अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि गाज़ीपुर को एक सुरक्षित और अपराधमुक्त व्यापारिक जिला बनाने के लिए पुलिस और व्यापारी मिलकर काम करेंगे।

