गाज़ीपुर। सैदपुर थाना क्षेत्र के मुरादचक गांव में पान विक्रेता सुरेंद्र कश्यप की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु के बाद बिजली विभाग की विजिलेंस टीम पर आत्महत्या के लिए उकसाने का गंभीर आरोप लगा है। मृतक के पुत्र शुभम कश्यप की तहरीर पर पुलिस ने मंगलवार की देर रात जेई दीपक कुमार, उप निरीक्षक उदयभान और हेड कांस्टेबल कैलाश भारती समेत कई लोगों के खिलाफ थाना सैदपुर में मुकदमा संख्या 0211/2026 धारा 108 बीएनएस (आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण) के तहत मुकदमा दर्ज किया। मामले में मुख्यमंत्री ने भी संज्ञान लेकर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
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बिजली बिल का बोझ
सुरेंद्र कश्यप सैदपुर सीएचसी के सामने पान की दुकान चलाते थे। उनके घर पर एक किलोवाट का घरेलू बिजली कनेक्शन था। सितंबर 2025 में बिजली विभाग की विजिलेंस टीम ने उनके घर पर जांच की और डेढ़ किलोवाट का लोड बताते हुए 65 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया। इसके साथ ही विद्युत चोरी के मामले में करीब 73 हजार रुपये का अलग जुर्माना भी लगाया गया। आर्थिक तंगी के कारण जुर्माना नहीं भर पाने पर विभाग ने 1 लाख 12 हजार 225 रुपये की राजस्व वसूली प्रमाणपत्र (आरसी) काट दी।
शुभम कश्यप ने तहरीर में बताया कि जुर्माना जमा न होने के बावजूद विजिलेंस टीम के सदस्य लगातार घर पर आकर दबाव बनाते रहे। मृतक की पत्नी ज्ञानती ने आरोप लगाया कि मीटर रीडर हर माह पैसे की मांग करते थे। 11 जून 2026 को तहसील ने रिपोर्ट लगाई कि सुरेंद्र के पास कोई चल-अचल संपत्ति नहीं है — इसलिए आरसी वापस कर दी गई। लेकिन तब तक कुल 1 लाख 85 हजार रुपये के बकाया का मानसिक दबाव उन पर हावी हो चुका था।
सोमवार 15 जून की सुबह सुरेंद्र कश्यप ने सल्फास खा लिया। परिजन उन्हें सीएचसी सैदपुर ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने दो लाइन का सुसाइड नोट भी छोड़ा जिसमें बिजली विभाग से परेशानी का उल्लेख है।
मुकदमा और पुलिस की कार्रवाई
मुख्यमंत्री के संज्ञान के बाद मंगलवार रात 11 बजे पुलिस ने शुभम कश्यप के घर पहुंचकर तहरीर ली और तत्काल जेई दीपक कुमार, उप निरीक्षक उदयभान और हेड कांस्टेबल कैलाश भारती समेत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। मुकदमा दर्ज होने के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मच गया।
सैदपुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार सिंह ने कहा — “मृतक सुरेंद्र कश्यप के पुत्र शुभम कश्यप की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष एवं गहन जांच की जा रही है। विवेचना में सभी पक्षों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य एवं दस्तावेजों का परीक्षण किया जाएगा।”
DM का दौरा और प्रशासनिक आश्वासन
मंगलवार को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला मृतक के घर पहुंचे। उनके साथ उप जिलाधिकारी ज्योति चौरसिया और पुलिस क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण तिवारी समेत बिजली विभाग के कई अधिकारी भी मौजूद रहे। डीएम ने परिवार से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और हरसंभव प्रशासनिक सहायता का भरोसा दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता दिलाने और उत्पीड़न के आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
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परिवार की स्थिति
घटना की गंभीरता को देखते हुए मृतक के घर पर राजनीतिक दलों के नेताओं का आना-जाना बढ़ गया। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के स्थानीय पदाधिकारी नंदकिशोर बिंद के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल परिजनों से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा, बकाया बिल माफी और उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार राजस्व अमीन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में आजाद यादव, कन्हैया बिंद, रविंद्र कश्यप और ध्रुव कुमार यादव शामिल रहे।
स्थानीय विधायक अंकित भारती मंगलवार की देर शाम परिवार से मिले और कुछ आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने बिजली विभाग से जुड़े ऐसे मामलों को विधानसभा में उठाने का आश्वासन दिया। मृतक सुरेंद्र कश्यप की पत्नी, दो बेटे और दो अविवाहित बेटियां हैं — परिवार अब पूरी तरह असहाय स्थिति में है।


