गाज़ीपुर। छात्रसंघ प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को एसडीएम सदर विनोद जोशी को ज्ञापन सौंपकर गाज़ीपुर में राज्य विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग की। 30 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुहम्मदाबाद दौरे को देखते हुए छात्रों ने यह कदम उठाया। प्रदेश सरकार की ‘एक जनपद एक विश्वविद्यालय’ योजना के तहत गाज़ीपुर को भी विश्वविद्यालय दिए जाने की मांग करते हुए छात्रों ने आग्रह किया कि यह मांग पत्र मुख्यमंत्री तक हर हाल में पहुंचाया जाए। जनपद में 360 से अधिक महाविद्यालय होने के बावजूद अब तक कोई राज्य विश्वविद्यालय नहीं है।
यह भी पढ़ें: मुहम्मदाबाद में गुरुवार CM योगी की जनसभा
एक भी विश्वविद्यालय नहीं
पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने कहा कि गाज़ीपुर पूर्वांचल का एक प्रमुख शैक्षणिक जनपद है जहां 360 से अधिक महाविद्यालय संचालित हैं। इसके बावजूद यहां आज तक एक भी राज्य विश्वविद्यालय नहीं है। विश्वविद्यालय के अभाव में उच्च शिक्षा के लिए छात्र-छात्राओं को दूसरे जनपदों और राज्यों की ओर जाना पड़ता है। इससे मध्यमवर्गीय और किसान परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों की कई प्रतिभाशाली छात्राएं केवल इसी कारण उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती हैं।
उपाध्याय ने जिले के जनप्रतिनिधियों से अपील की कि मुख्यमंत्री के साथ मंच साझा करते समय गाज़ीपुर को राज्य विश्वविद्यालय दिए जाने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई जाए। उन्होंने मीडिया से भी इस मुद्दे को प्रमुखता देने का अनुरोध किया ताकि जनपद के लाखों युवाओं का यह अधिकार सुनिश्चित हो सके।
छात्र नेताओं ने रखी बात
छात्र नेता अभिषेक पांडेय ने कहा कि गाज़ीपुर के विद्यार्थियों को समान और सुलभ उच्च शिक्षा का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब सरकार प्रत्येक जनपद में विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है तो गाज़ीपुर जैसे बड़े शैक्षणिक केंद्र की अनदेखी उचित नहीं है।
विकास यादव ने कहा कि एसडीएम सदर के माध्यम से मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने की यह पहल की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक गाज़ीपुर को राज्य विश्वविद्यालय नहीं मिल जाता तब तक यह अभियान लोकतांत्रिक और सकारात्मक तरीके से जारी रहेगा।
यह भी पढ़ें: विनीत राय हत्याकांड में पांचवां आरोपी गिरफ्तार
रणनीति भी तैयार
राज्य विश्वविद्यालय की मांग को लेकर एक रणनीति भी तैयार की गई है। इसमें डॉ. शम्मी सिंह और दीपक उपाध्याय को संयोजक बनाया गया है। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में अभिषेक पांडेय, विकास यादव, निलेश बिंद, विशाल मौर्या, विवेक प्रधान, अमृतांश बिंद, रजनीश राय, अभिनव रंजन और सुधांशु पांडेय सहित बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।
छात्रसंघ ने स्पष्ट किया कि यदि मुख्यमंत्री से सीधी भेंट संभव न हो सके तो मांग पत्र उन तक अनिवार्य रूप से पहुंचाया जाना चाहिए। गाज़ीपुर में 360 से अधिक महाविद्यालयों की उपस्थिति के बावजूद राज्य विश्वविद्यालय का न होना लंबे समय से छात्र समुदाय की एक प्रमुख शिकायत रही है।

