गाज़ीपुर। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 5 जून से 21 जून 2026 तक चल रहे “सेवा, संस्कार, सुशासन एवं सम्मान” अभियान के तहत मंगलवार 9 जून को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला और मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की अगुआई में दो बड़े कार्यक्रम आयोजित हुए। पहले कार्यक्रम में विकास खंड कासिमाबाद और बाराचंवर में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए आजीविका संवर्धन एवं स्वरोजगार कार्यशाला आयोजित की गई। दूसरे कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सिधउत में “सरकार आपके द्वार” जन चौपाल लगाई गई जहाँ जिलाधिकारी ने खुद ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान के निर्देश दिए।
दोनों कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने दोनों कार्यक्रमों में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कार्यशाला में महिलाओं को दी स्वरोजगार की जानकारी
ग्रामीण आजीविका मिशन, कृषि, पशुपालन, उद्यान, मत्स्य, उद्योग और बैंकिंग विभागों के अधिकारियों ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से अवगत कराया। महिलाओं को डेयरी, बकरी पालन, मशरूम उत्पादन, सिलाई-कढ़ाई, खाद्य प्रसंस्करण और लघु उद्योग जैसे क्षेत्रों में काम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया गया ताकि वे अपनी आय बढ़ा सकें।
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मुद्रा योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, बैंक लिंकेज, सामुदायिक निवेश निधि (CIF) और रिवॉल्विंग फंड जैसी ऋण योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी महिलाओं को दी गई। मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने कहा कि समूह आधारित गतिविधियों से ग्रामीण महिलाओं की आय में निरंतर इजाफा किया जा सकता है। उन्होंने समूह सखियों को हिदायत दी कि कार्यशाला में मिली जानकारी को अपने-अपने गांव में समूह सदस्यों तक पहुंचाएं और पात्र महिलाओं को योजनाओं का लाभ दिलाने में आगे आएं।
बैंक अधिकारियों को सख्त निर्देश — ऋण में देरी अक्षम्य
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कार्यशाला में उपस्थित समस्त बैंक अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वयं सहायता समूहों और उनके सदस्यों के ऋण प्रकरणों की स्वीकृति में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समूह सदस्यों के ऋण मामलों में देरी अक्षम्य मानी जाएगी और बैंक स्तर पर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र महिला को सभी योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जाए। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने विकास खंड कासिमाबाद परिसर में नवनिर्मित शहीद स्तंभ का संयुक्त रूप से उद्घाटन भी किया। कार्यशाला के अंत में समूह सदस्यों ने सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया।
सरकार आपके द्वार — ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं
इसी दिन ग्राम पंचायत सिधउत में आयोजित “सरकार आपके द्वार” जन चौपाल में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, सड़क मरम्मत, राशन वितरण, PM एवं CM आवास योजना, राजस्व मामले, पेंशन और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं जिलाधिकारी के सामने रखीं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी समस्याओं का शत-प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि गांवों में अनसुलझे भूमि विवादों को एक अलग रजिस्टर में दर्ज किया जाए जिससे इन मामलों की नियमित निगरानी और शीघ्र निपटारा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन, बाल सेवा योजना, PM किसान सम्मान निधि, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और कन्या सुमंगला योजना जैसी योजनाओं का लाभ विशेष अभियान चलाकर हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाया जाए। इसी बीच ग्राम चौपाल में अनुपस्थित रहने और कर्तव्य में लापरवाही बरतने पर सिधउत के रोजगार सेवक का वेतन रोकने का भी निर्देश दिया गया।
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अन्नपूर्णा भवन और शहीद स्तंभ का उद्घाटन
जन चौपाल के दौरान जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला और मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने ग्राम पंचायत सिधउत में नवनिर्मित अन्नपूर्णा भवन का फीता काटकर उद्घाटन किया। साथ ही नए पंचायत भवन, बारात घर और अंत्येष्टि स्थलों के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेकर शेष कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म भी निभाई और छोटे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया। कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी कासिमाबाद, क्षेत्राधिकारी कासिमाबाद, परियोजना निदेशक महेंद्र प्रताप यादव, जिला विकास अधिकारी सुभाष चंद्र सरोज, जिला पंचायत राज अधिकारी रमेश चंद उपाध्याय, डीसी मनरेगा विजय कुमार यादव, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

