लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार 9 जून 2026 को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास 5 कालिदास मार्ग से प्रोजेक्ट गंगा का शुभारंभ किया। GANGA यानी Government Assisted Network for Growth and Advancement — यह परियोजना अगले तीन वर्षों में उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में हाईस्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा पहुंचाने के लक्ष्य के साथ शुरू की गई है। इस परियोजना के माध्यम से प्रदेश के 20 लाख घरों तक तेज इंटरनेट पहुंचाने का दावा किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि जिस प्रकार मां गंगा ने उत्तर भारत को दुनिया की सबसे उर्वरा भूमि प्रदान की है, उसी प्रकार यह परियोजना भी आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार करेगी। उन्होंने कहा कि इंटरनेट की गति जितनी तेज होगी, विकास की गति भी उतनी ही तेज होगी और लोगों के जीवन में व्यापक बदलाव दिखाई देगा।
क्या है प्रोजेक्ट गंगा
प्रोजेक्ट गंगा उत्तर प्रदेश सरकार की डिजिटल सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वाकांक्षी पहल है। इसके अंतर्गत प्रदेश की ग्राम पंचायतों में ब्रॉडबैंड सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी जिससे उन्हें स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड पहुंचने से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार सभी क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाएं सुलभ होंगी।
यह भी पढ़ें: UP में घाटमपुर की तीसरी यूनिट — 4 साल में 7,260 MW क्षमता
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2026-27 के बजट में 8,000 डिजिटल उद्यमियों को आगे बढ़ाने की घोषणा की गई थी जिनमें से 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी। प्रोजेक्ट गंगा इस लक्ष्य को हासिल करने का मुख्य माध्यम बनेगा। इससे न केवल ग्रामीण युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे बल्कि महिलाओं की डिजिटल भागीदारी भी बढ़ेगी। ग्रामीण स्तर पर इंटरनेट की उपलब्धता से स्वरोजगार और उद्यमिता को नई दिशा मिलेगी।
CM YUVA से जुड़ा है प्रोजेक्ट गंगा
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रोजेक्ट गंगा को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (CM YUVA) के साथ समन्वित किया गया है। इस योजना के तहत प्रदेश के युवाओं को अपना कारोबार खड़ा करने के लिए सरकार 5 लाख रुपये तक का ऋण बिना किसी गारंटी और बिना ब्याज के उपलब्ध करा रही है। लाभार्थी युवाओं का चयन होने के बाद उन्हें व्यवसाय संचालन के लिए विशेष कौशल प्रशिक्षण भी दिया जाता है।
इसके अलावा इन युवाओं को अपना व्यवसाय आगे बढ़ाने के लिए 10 प्रतिशत तक मार्जिन मनी सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक लगभग 2 लाख युवा इस अभियान के तहत सफल उद्यमी बन चुके हैं और अपने व्यवसायों को आगे बढ़ाने में सफल हुए हैं। प्रोजेक्ट गंगा से जुड़कर यह युवा डिजिटल उद्यमिता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकेंगे।
यह भी पढ़ें: इंडिया ब्लॉक की बड़ी बैठक — धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
20 लाख घरों तक पहुंचेगा इंटरनेट
प्रोजेक्ट गंगा के अंतर्गत यह दावा किया गया है कि अगले तीन वर्षों में प्रदेश के 20 लाख घरों तक हाईस्पीड इंटरनेट की सुविधा पहुंचाई जाएगी। इस पहल से ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की संभावना भी जताई जा रही है। तेज इंटरनेट की पहुंच से किसान ऑनलाइन कृषि बाजार से जुड़ पाएंगे, युवा डिजिटल शिक्षा का लाभ उठा सकेंगे और महिलाएं स्वरोजगार के नए अवसर तलाश कर सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी उपलब्ध होने से सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और भी आसान हो जाएगा। ई-गवर्नेंस, टेलीमेडिसिन और डिजिटल बैंकिंग जैसी सेवाएं भी ग्रामीण स्तर पर सुलभ होंगी जो अब तक शहरी क्षेत्रों तक ही सीमित थीं।



