गाज़ीपुर। जनपद के जैतपुरा गांव में 2019 में अनंतनाग (जम्मू-कश्मीर) में शहीद हुए नायक महेश कुशवाहा की स्मृति में लगे शिलापट्ट को हटाए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सदर ब्लॉक के इस गांव में 2006 में पूर्वांचल निधि से बने प्रवेश द्वार पर 2021 में शहीद के नाम का शिलापट लगाया गया था। आरोप है कि जंगीपुर से समाजवादी पार्टी के विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव ने 8 जून की रात वह शिलापट हटवाकर उसकी जगह संत बाबा गंगादास के नाम का नया शिलापट लगवा दिया।
इस घटना के बाद शहीद परिवार, BJP, पूर्व मंत्री विजय मिश्र और कुशवाहा समाज में आक्रोश है। प्रभारी मंत्री रविंद्र जायसवाल ने जांच के आदेश दिए हैं और जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने शहीद के सम्मान में पार्क, सड़क नामकरण और शिलापट को उचित स्थान देने की बात कही है।
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क्या था पूरा मामला
गाज़ीपुर के जैतपुरा गांव को नायक महेश कुशवाहा पर गर्व है जिन्होंने 2019 में अनंतनाग में आतंकवादियों के खिलाफ अभियान के दौरान देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। शहादत के बाद गांव और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी।
शहीद के सम्मान में परिवार और ग्रामीणों ने 2021 में गांव के प्रवेश द्वार पर उनके नाम की शिलापट्ट लगाई और प्रतिमा भी स्थापित कराई जिसका अनावरण 12 जून को प्रस्तावित था। परिजनों का आरोप है कि अनावरण से पहले ही 8 जून की रात शिलापट को हटा दिया गया। जब परिवार के सदस्य विधायक के आवास पहुंचे तो उन्हें अपमानित कर वापस लौटा दिया गया।
शहीद परिवार ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जिला प्रशासन को पत्र भेजकर न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
विधायक का पक्ष
आरोपों पर विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव ने सफाई दी कि गांव का प्रवेश द्वार 2006 में पूर्वांचल निधि से बनवाया गया था और यह संत बाबा गंगादास के नाम पर था। उन्होंने कहा कि उनके पिता एवं पूर्व मंत्री स्वर्गीय कैलाश यादव ने यह द्वार बनवाया था।
उनका कहना है कि उन्होंने केवल प्रवेश द्वार की रंगाई-पुताई कराकर मूल स्वरूप के अनुरूप शिलापट पुनः स्थापित कराई है। हालांकि शहीद परिवार और कुशवाहा समाज के लोगों का सवाल है कि यदि प्रवेश द्वार पूर्व में बना था तो वर्षों तक उसकी सुध क्यों नहीं ली गई और ठीक अनावरण से पहले यह कदम क्यों उठाया गया।
पूर्व मंत्री विजय मिश्र का आक्रोश
पूर्व मंत्री विजय मिश्र ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा — “शहीदों का सम्मान किसी दल, जाति या विचारधारा से ऊपर है। राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीरों के प्रति सम्मान बनाए रखना हम सभी का नैतिक और राष्ट्रीय दायित्व है।”
उन्होंने बताया कि सैनिक समाज, भूतपूर्व सैनिकों और साधु-संतों ने उनसे मुलाकात कर गहरा रोष व्यक्त किया। विजय मिश्र ने चेतावनी दी — “यदि वीर शहीद के सम्मान में प्रवेश द्वार पर दोबारा शिलापट्ट नहीं लगाया जाता तो हम स्वयं वहां उपस्थित होकर शिलापट्ट लगाने का कार्य करेंगे।”
उन्होंने यह भी बताया कि प्रभारी मंत्री रविंद्र जायसवाल और BJP जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय ने अधिकारियों से वार्ता कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और शिलापट्ट पुनः लगाने के निर्देश दिए हैं।
BJP का DM को ज्ञापन
सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला को ज्ञापन सौंपा। BJP नेता रामनरेश कुशवाहा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने कहा — “शहीदों के बलिदान के कारण ही हम सुरक्षित जीवन जी पा रहे हैं। उनकी स्मृतियों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देगा।”
भाजयुमो जिलाध्यक्ष विश्व प्रकाश अकेला ने कहा — “जो राष्ट्र अपने शहीदों को सम्मान देना भूल जाता है, उसका इतिहास भी उसे याद नहीं रखता। शहीदों का अपमान किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।” उन्होंने कहा कि शहीद महेश कुशवाहा की स्मृतियों का संरक्षण किसी दल विशेष का नहीं, बल्कि राष्ट्र सम्मान का विषय है।
अकेला ने जिलाधिकारी से शहीद की विधवा द्वारा की गई शिकायत की निष्पक्ष जांच कराने और स्मृति द्वार पर पहले लगी शिलापट्ट को पुनः स्थापित करने की भी मांग की।
ज्ञापन में शहीद स्मारकों की मरम्मत, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल और सूचना पट्ट लगाने की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने वालों में अवधेश राजभर, सुनील कुशवाहा, गुलाब कुशवाहा, सुधाकर कुशवाहा, मन्नू राजभर, कार्तिक प्रधान सहित अन्य BJP पदाधिकारी शामिल रहे।
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DM ने दिया आश्वासन
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने इस पूरे मामले में संवेदनशील रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि शहीद का सम्मान आवश्यक है। उनके अनुसार प्रवेश द्वार 2006 में पूर्वांचल निधि से बना था और 2021 में उस पर शहीद का शिलापट भी लगाया गया था।
जिलाधिकारी ने कहा कि शहीद परिवार के प्रति पूरी संवेदना रखते हुए वहां एक वृहद पार्क विकसित किया जाएगा। उस क्षेत्र में बनी सड़क का नामकरण शहीद महेश कुशवाहा के नाम पर किया जाएगा। प्रवेश द्वार पर शहीद के नाम को उचित स्थान मिल सके इसके लिए भी कार्रवाई की जाएगी।



