गाज़ीपुर। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में जनपद के प्रभारी मंत्री एवं स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन विभाग के राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल ने गाज़ीपुर के विकास, सुशासन और जनकल्याण का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने बिना भेदभाव के समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया है। प्रेस वार्ता में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला, पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा, मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय, सुभासपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र राजभर, निषाद पार्टी जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश बिंद और पूर्व मंत्री विजय मिश्रा सहित अन्य उपस्थित रहे।
यह भी पढ़ें: चिल्लूपार में CM योगी ने दी ₹295 करोड़ की 319 परियोजनाएं
एक्सप्रेसवे से मेडिकल कॉलेज तक — गाज़ीपुर में विकास की लंबी फेहरिस्त
प्रभारी मंत्री ने बताया कि ₹23,349 करोड़ की लागत से बने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (340.824 किमी) ने गाज़ीपुर को सीधे लखनऊ से जोड़ दिया है। वहीं ₹3,647 करोड़ की लागत से वाराणसी से गोरखपुर तक फोरलेन हाईवे का निर्माण पूरा होने से जिले के 51 गांव बेहतर सड़क संपर्क से जुड़ गए हैं। तहसील मुहम्मदाबाद में 180 हेक्टेयर भूमि पर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में ₹227.64 करोड़ की लागत से मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा हुआ है। ₹29.66 करोड़ से 9 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए। ₹154.71 करोड़ से सीवरेज योजना और ₹104.74 करोड़ से कंकड़हवा घाट सेतु का निर्माण पूर्ण हो चुका है। ₹91.12 करोड़ की पेयजल पुनर्गठन योजना प्रगति पर है।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत ₹2756.66 करोड़ की लागत से जनपद के 2196 राजस्व ग्रामों में काम शुरू हुआ जिनमें से 818 गांवों में कार्य पूर्ण हो चुका है। अमृत योजना के तहत 21,000 परिवारों को और अमृत 2.0 के तहत ₹149.94 करोड़ की लागत से 1,60,000 लाभार्थियों को 2027 तक लाभान्वित करने का लक्ष्य है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 3,568 सोलर लाइट लगाई जा चुकी हैं।
आवास के क्षेत्र में पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 80,519 और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 15,139 आवास पूर्ण कराए गए हैं। पीएम आवास (शहरी) के तहत 10,964 लाभार्थियों को आवास दिए जा चुके हैं। शिक्षा के क्षेत्र में जनपद के 1,81,259 मेधावी छात्रों को टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित किए गए।
कानून व्यवस्था — ₹70 करोड़ का नशा पकड़ा, 232 को उम्रकैद
प्रेस वार्ता में कानून व्यवस्था का भी विस्तृत रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया गया। एनडीपीएस एक्ट के तहत 616 मुकदमे दर्ज कर 754 अभियुक्त गिरफ्तार किए गए। इनके कब्जे से 2863 किलोग्राम गांजा और 31.475 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई जिसकी कुल कीमत ₹70 करोड़ से अधिक आंकी गई है।
गैंगस्टर एक्ट के तहत 330 मुकदमे दर्ज कर 1320 अपराधियों को जेल भेजा गया। इनकी ₹265.96 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की गई। शस्त्र अधिनियम के तहत 1804 मुकदमे दर्ज कर 2051 अभियुक्त गिरफ्तार और 2011 अवैध शस्त्र बरामद किए गए। प्रभावी पैरवी के चलते न्यायालय में 1709 मुकदमों में सजा हुई जिसमें 2585 अभियुक्त दोषसिद्ध और 232 अपराधियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
यह भी पढ़ें: गाज़ीपुर में प्रवक्ता परीक्षा से पहले DM-SP का निरीक्षण
जनकल्याण योजनाओं में गाज़ीपुर अव्वल
जनकल्याण के मोर्चे पर भी गाज़ीपुर ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। आयुष्मान कार्ड योजना के तहत 9,60,863 लाभार्थियों को लाभ मिला है। निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत 68,216 महिलाओं को ₹1965.14 लाख की पेंशन दी जा रही है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत 32,806 लाभार्थियों को ₹819.645 लाख से लाभान्वित किया गया। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत 13,410 लाभार्थियों को ₹549.12 लाख की राशि मिली।
उज्ज्वला योजना के तहत 3,21,168 परिवारों को निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन और पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 6,41,545 परिवारों को राशन वितरित किया जा रहा है। पीएम स्वनिधि के तहत 10,222 स्ट्रीट वेंडर लाभान्वित हुए।
रोजगार के मोर्चे पर मनरेगा के तहत 639.98 लाख मानव दिवस सृजित कर औसतन 1,75,317 परिवारों को रोजगार मिला जिनमें 48 प्रतिशत महिलाएं हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 12,874 समूहों का गठन और ₹13,387.23 लाख की बैंक क्रेडिट लिंकेज उपलब्ध कराई गई। रोजगार मेले आयोजित कर 30,651 लोगों को रोजगार दिया गया।
उद्योग के क्षेत्र में जनपद में ₹3,230.16 करोड़ के 283 एमओयू हुए हैं। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत 5,550 लाभार्थियों को लाभ और ओडीओपी के तहत 1,475 लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया।

