गाज़ीपुर। रायफल क्लब परिसर में गुरुवार 18 जून को जिला प्रशासन गाज़ीपुर के तत्वावधान में “विकास प्रदर्शनी एवं मेला” का भव्य आयोजन हुआ। तीन दिवसीय इस मेले का मुख्य उद्देश्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, तकनीकी प्रगति और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी सीधे आमजन तक पहुंचाना है। मेले में पुलिस विभाग द्वारा लगाए गए विशेष स्टॉल जनता के कौतूहल और आकर्षण का केंद्र बने। स्थानीय नागरिकों, स्कूली बच्चों और प्रबुद्ध जनों ने बड़ी संख्या में मेले में भाग लिया।
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जागरूकता की अनूठी पहल
मेले में यातायात पुलिस ने एक विशेष स्टॉल लगाया जहाँ नागरिकों को सीट बेल्ट, हेलमेट पहनने और यातायात संकेतों का पालन करने के लिए जागरूक किया गया। स्टॉल पर आधुनिक रिफ्लेक्टर लाइट, ट्रैफिक कोन, वॉकी-टॉकी और अन्य सुरक्षा उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। राहगीरों और युवाओं ने इन उपकरणों को करीब से देखा और जानकारी ली।
अग्निशमन विभाग ने आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की व्यावहारिक जानकारी दी। लाइफ ब्वॉय, फायर एक्सटिंग्विशर और होज़ पाइप जैसे उपकरणों का सजीव प्रदर्शन किया गया। नागरिकों को बताया गया कि आगजनी या किसी अन्य आपदा की स्थिति में इन उपकरणों का उपयोग कैसे किया जाए। मिशन शक्ति 5.0 के स्टॉल पर महिला पुलिसकर्मियों ने महिलाओं और बालिकाओं को उनकी सुरक्षा से जुड़ी जानकारी दी। 1090, 181, 112, 1076 और 1098 जैसे महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों के बारे में विस्तार से समझाया गया।
साइबर सेल का स्टॉल बना खास आकर्षण
डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों के मद्देनजर साइबर सेल का स्टॉल मेले में सबसे ज्यादा चर्चित रहा। यहाँ तैनात तकनीकी विशेषज्ञों ने नागरिकों को ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, सोशल मीडिया हैकिंग और फर्जी कॉल व लिंक से बचने के तरीके बताए।
विशेषज्ञों ने बताया कि डिजिटल ठगी के तरीके लगातार बदल रहे हैं — OTP, बैंक डिटेल और फर्जी लिंक के जरिए होने वाली धोखाधड़ी से बचने के व्यावहारिक उपाय समझाए गए। साइबर ठगी का शिकार होने पर राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत संपर्क करने की सलाह दी गई और इस नंबर के प्रति आमजन को जागरूक किया गया।
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पुलिस-जनता समन्वय हुआ मजबूत
पुलिस अधीक्षक ईरज राजा के निर्देशन में आयोजित इन स्टॉलों ने न केवल नागरिकों को सुरक्षा के प्रति सचेत किया बल्कि पुलिस और आमजन के बीच विश्वास और समन्वय को भी और प्रगाढ़ बनाया।
मेले में आए नागरिकों ने इन स्टॉलों की सराहना की। साइबर सेल और यातायात पुलिस के स्टॉलों पर स्कूली छात्र-छात्राओं की भीड़ सबसे ज्यादा रही। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि सीधे जनसंपर्क के जरिए जागरूकता फैलाना किसी भी अभियान का सबसे असरदार तरीका है।
मेले में भारी संख्या में स्थानीय नागरिकों, स्कूली छात्र-छात्राओं और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। जिला प्रशासन ने बताया कि यह मेला तीन दिनों तक चलेगा और प्रत्येक दिन विभिन्न विभागों के स्टॉलों के जरिए जनता को सरकारी योजनाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी दी जाएगी।


