गाज़ीपुर। दिवंगत माफिया मुख्तार अंसारी के आईएस-191 गैंग से जुड़े शस्त्र लाइसेंसों की जांच में गुरुवार को एक और बड़ा खुलासा हुआ। मुख्तार अंसारी की पत्नी और 50 हजार की इनामी फरार आरोपी अफ्शां अंसारी के शस्त्र लाइसेंस से जुड़े दस्तावेज जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के अभिलेखागार से गायब पाए गए और इसी लाइसेंस पर खरीदी गई एनपीबी रिवॉल्वर की वर्तमान स्थिति का भी पता नहीं चल सका। इन्हीं तथ्यों के आधार पर अफ्शां अंसारी समेत तीन लोगों के खिलाफ नगर कोतवाली में FIR दर्ज की गई है। यह कार्रवाई सांसद अफजाल अंसारी पर मुकदमा दर्ज होने के ठीक एक दिन बाद हुई है।
यह भी पढ़ें: प्रेमी युगल के शव पेड़ से लटके मिले — पुलिस जांच जारी, मां ने लगाया आरोप
लाइसेंस से रिवॉल्वर का पता नहीं
वाराणसी रेंज के DIG वैभव कृष्ण के निर्देश पर आईएस-191 गैंग के सदस्यों, सहयोगियों और मुख्तार अंसारी के परिजनों को जारी 51 शस्त्र लाइसेंसों की जांच चल रही है।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ. राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि जांच में अफ्शां अंसारी के नाम पर जारी लाइसेंस संख्या 1054/पी-11 से जुड़ी मूल पत्रावली और क्रय-विक्रय के कागजात अभिलेखागार में नहीं मिले। इसी लाइसेंस पर पहले एक रिवॉल्वर खरीदी गई थी जिसे बाद में बेचकर दूसरा हथियार लिया गया। हालांकि पहले खरीदे गए हथियार की वर्तमान स्थिति का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
जांच में यह भी सामने आया कि एक ही लाइसेंस पर अलग-अलग समय में कई हथियारों की खरीद-बिक्री हुई। इससे स्पष्ट है कि शस्त्रों के दुरुपयोग को छिपाने के लिए जानबूझकर दस्तावेज गायब कराए गए।
तीन पर दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस का आरोप है कि तत्कालीन शस्त्र लिपिकों को प्रभाव में लेकर आपराधिक षड्यंत्र के तहत लाइसेंस और क्रय-विक्रय की मूल पत्रावली अभिलेखागार से हटवाई गई ताकि हथियारों का दुरुपयोग बिना रोकटोक जारी रह सके।
इस मामले में तीन आरोपी हैं — अफ्शां अंसारी, तत्कालीन प्रथम पटल सहायक बृजनारायण राम (सेवानिवृत्त, मृतक) और तत्कालीन द्वितीय पटल सहायक भीष्म सिंह यादव। अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ. मिश्रा ने बताया कि तीनों के खिलाफ नगर कोतवाली में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
एक दिन पहले सांसद पर भी FIR
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले इसी जांच के दौरान गाज़ीपुर सांसद अफज़ाल अंसारी और तत्कालीन शस्त्र लिपिकों के खिलाफ भी मुकदमा संख्या 535/2026 दर्ज किया गया था। उस मामले में लाइसेंस संख्या 1188 पी-2 से जुड़ी पत्रावली गायब मिली थी और रायफल नंबर 830405 की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ. मिश्रा ने बताया कि आईएस-191 गैंग से जुड़े शेष शस्त्र लाइसेंसों और हथियारों का भौतिक सत्यापन अभी जारी है। जांच में जहां-जहां अनियमितताएं सामने आएंगी वहां संबंधित लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें: आईएस-191 गैंग के हथियार लाइसेंस जांच — सांसद अफज़ाल अंसारी पर FIR, दस्तावेज गायब
जांच जारी, और खुलासे संभव
अपर पुलिस अधीक्षक नगर और ग्रामीण के नेतृत्व में क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों की अलग-अलग टीमें 51 शस्त्र लाइसेंसों पर खरीदे-बेचे गए 145 हथियारों का सत्यापन कर रही हैं। इन टीमों ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों के साथ दिल्ली, पंजाब और अरुणाचल प्रदेश तक जाकर रिकॉर्ड की जांच की है।
पुलिस का कहना है कि मुख्तार अंसारी गैंग के पूरे हथियार नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना है।


