गाज़ीपुर। दिवंगत मुख्तार अंसारी के गैंग (आईएस-191) के सदस्यों को जारी शस्त्र लाइसेंसों की जांच में बुधवार को बड़े खुलासे हुए। गाज़ीपुर के सांसद अफज़ाल अंसारी समेत तीन लोगों के खिलाफ कोतवाली थाना में FIR दर्ज की गई। पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बुधवार दोपहर मीडिया को बताया कि गैंग के 51 लाइसेंसों पर खरीदे-बेचे गए 145 हथियारों का भौतिक सत्यापन जारी है। जांच के दौरान अभिलेखागार से मूल पत्रावलियां गायब मिलीं और कुछ हथियारों का पता भी नहीं चल सका।
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51 लाइसेंस, 145 हथियारों की जांच
पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बताया कि मुख्तार अंसारी गैंग (आईएस-191) के सदस्यों और सहयोगियों को जारी 51 शस्त्र लाइसेंसों पर खरीदे-बेचे गए 145 हथियारों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है।
जांच के लिए अपर पुलिस अधीक्षक नगर और ग्रामीण की अगुआई में कई टीमें बनाई गईं। इन टीमों ने UP के अलग-अलग जिलों से लेकर दिल्ली, पंजाब और अरुणाचल प्रदेश तक का दौरा किया। वहां DM कार्यालयों और लाइसेंसी हथियार विक्रेताओं के रिकॉर्ड खंगाले गए।
जांच के दौरान गाज़ीपुर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के अभिलेखागार में कई शस्त्र लाइसेंसों और हथियारों की खरीद-बिक्री से जुड़ी मूल पत्रावलियां गायब मिलीं। कुछ हथियारों की वर्तमान स्थिति का भी पता नहीं चल सका। जांच में हथियारों की खरीद-बिक्री में अनियमितताओं के तथ्य भी सामने आए हैं।
सांसद का लाइसेंस और गायब रायफल
जांच के दौरान सांसद अफजाल अंसारी के नाम पर जारी लाइसेंस संख्या 1188 पी-2 से जुड़े दस्तावेज अभिलेखागार में नहीं मिले। हथियारों की खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड भी गायब थे।
इतना ही नहीं, उस लाइसेंस पर खरीदी गई रायफल नंबर 830405 की वर्तमान स्थिति भी स्पष्ट नहीं हो सकी। न तो रायफल का पता चला और न ही यह स्पष्ट हो सका कि वह किसके पास है या कहां है।
इसी आधार पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। आरोप है कि इन्होंने आपराधिक साजिश के तहत पत्रावलियां गायब कराईं ताकि हथियारों के दुरुपयोग को छिपाया जा सके।
तीन आरोपियों पर FIR
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कोतवाली थाना में मुकदमा संख्या 535/2026 के तहत IPC की धारा 409 (आपराधिक विश्वासघात), धारा 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) और आर्म्स एक्ट की धारा 21/25 तथा 30 में FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
तीन आरोपी हैं — पहले गाज़ीपुर के सांसद अफज़ाल अंसारी, दूसरे तत्कालीन शस्त्र लिपिक अशफाक अहमद और तीसरे शस्त्र लिपिक द्वितीय गौरी शंकर राम। पुलिस का आरोप है कि इन तीनों ने मिलकर साजिश रचकर सरकारी अभिलेखागार से महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब कराए।
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जांच अभी जारी
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शेष शस्त्र लाइसेंसों और हथियारों का सत्यापन अभी जारी है। जांच में जहां भी अनियमितताएं सामने आएंगी वहां संबंधित लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की विशेष टीमें अभी भी विभिन्न राज्यों में रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। 145 हथियारों में से कई की स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। जांच के पूरा होने तक और भी खुलासे होने की संभावना है।
एसपी ने स्पष्ट किया कि मुख्तार अंसारी गैंग के शस्त्र लाइसेंसों की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ रही है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। कानून के सामने सभी बराबर हैं।

