गाज़ीपुर। जनपद के नोनहरा थाना क्षेत्र में रविवार की देर रात एक ऐसा हादसा हुआ जिसने तीन परिवारों की खुशियाँ हमेशा के लिए छीन लीं। बौरी चट्टी के पास तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रेलर ने बाइक पर सवार तीन युवा दोस्तों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों युवक बाइक समेत करीब 100 मीटर तक घिसटते चले गए। घटनास्थल पर ही तीनों ने दम तोड़ दिया। तीन घरों से एक साथ उठी चीखें पूरे गाँव को हिला गईं।
बारात से लौट रहे थे तीनों दोस्त
थानाध्यक्ष विवेक कुमार तिवारी ने बताया कि इंग्लिश गाँव निवासी गोविंद राम की तहरीर के अनुसार उनके गाँव से एक बरात कासिमाबाद कोतवाली क्षेत्र के खेताबपुर गाँव गई थी। बारात से रात करीब 11 बजे तीनों दोस्त एक बाइक पर सवार होकर घर की ओर लौट रहे थे। बौरी चट्टी के करीब पहुँचते ही पीछे से आ रहे तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रेलर ने बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। तीनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े आए — लेकिन तब तक तीन जिंदगियाँ हमेशा के लिए बुझ चुकी थीं।
पुलिस ने चालक को किया गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इलाके में नाकाबंदी कर ट्रेलर चालक को वाहन समेत पकड़ लिया गया। थानाध्यक्ष विवेक कुमार तिवारी ने बताया कि चालक की लापरवाही और अनियंत्रित रफ्तार इस हादसे की मुख्य वजह है। मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की जाँच शुरू कर दी गई है।
तीन घरों में पसरा मातम — कौन थे तीनों?
घर से हँसते-खेलते निकले तीनों दोस्त लाश बनकर लौटे — यह सोचकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
सुमित कुमार (21) इंग्लिश गाँव निवासी अजय राम का बेटा था। दो भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटा सुमित घर का लाडला था। कबड्डी का अच्छा खिलाड़ी था — मैदान में उसकी फुर्ती देखते ही बनती थी। पिता मजदूरी करके परिवार चलाते हैं। बेटे की मौत की खबर मिलते ही माँ राधिका देवी बेसुध हो गईं — परिजन उन्हें होश में लाने की कोशिश करते रहे।
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नीरज कुमार (18) इंग्लिश गाँव निवासी योगेंद्र राम का बेटा था। चार भाइयों में तीसरे नंबर का नीरज अभी जिंदगी की दहलीज पर ही खड़ा था। उसके दर्द को और गहरा करने वाली बात यह है कि ठीक एक साल पहले उसके छोटे भाई की भी सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी। उस गम से परिवार उबरा भी नहीं था कि यह दूसरी त्रासदी आ गई। माँ हैवंती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
नितेश राम (17) हंसराजपुर निवासी सूरज राम का बेटा था। दो भाइयों में बड़ा नितेश वाराणसी में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था — कुछ बड़ा करने का सपना लिए। वह योगेंद्र राम का भांजा भी था। बेटे की मौत की खबर मिलते ही माँ संतरा देवी बेहोश हो गईं।
परिजनों ने माँगी कड़ी कार्रवाई
मृतकों के परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए। पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था — पड़ोसी और ग्रामीण उन्हें सांत्वना देते रहे। मृतकों के परिजनों ने चालक के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की माँग करते हुए तहरीर दी है।
ओवरलोड ट्रेलर बन रहे काल
गाज़ीपुर की सड़कों पर तेज रफ्तार और ओवरलोड ट्रेलरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। रात के अँधेरे में बेकाबू होकर दौड़ते ये ट्रेलर निर्दोष जिंदगियाँ लील जाते हैं। भारी वाहन चालक अक्सर ओवरस्पीड और लापरवाही से वाहन चलाते हैं — और उनकी इस लापरवाही की कीमत निर्दोष लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है। स्थानीय लोगों की माँग है कि भारी वाहनों की आवाजाही पर रात में सख्त पाबंदी हो और दोषी चालकों पर कठोर कानूनी कार्रवाई हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों।
