📌 अमित मणि त्रिपाठी
देवरिया। जनपद में अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना कोतवाली पुलिस ने एक युवक को अवैध देशी तमंचे और जिंदा कारतूस के साथ रंगे हाथों पकड़ा। पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली। आरोपी के खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी
इस अभियान का संचालन अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) आनंद कुमार पाण्डेय के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार रेड्डी के पर्यवेक्षण में हो रहा है, जिसके क्रम में कोतवाली टीम सक्रिय थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली कि एक संदिग्ध व्यक्ति परसिया अहीर चौराहा, बेलडाड़ रोड के पास हथियार लेकर खड़ा है। सूचना मिलते ही टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर संदिग्ध को दबोच लिया।
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तमंचा-कारतूस बरामद, मुकदमा दर्ज
तलाशी में आरोपी की पहचान भगवान दास यादव (25), पुत्र भवानी यादव के रूप में हुई, जो थाना सुरौली के सुरौली टोला लक्ष्मीपुर का निवासी है। उसके कब्जे से 315 बोर का एक देशी तमंचा और इसी बोर का जिंदा कारतूस मिला। बरामदगी के आधार पर कोतवाली थाने में धारा 3/25 आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा संख्या 394/2026 दर्ज किया गया। फिलहाल पुलिस यह खंगाल रही है कि यह हथियार आरोपी तक किस रास्ते से पहुंचा और उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड क्या रहा है। कार्रवाई का नेतृत्व उपनिरीक्षक शुभम कुमार पाठक ने किया।
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आयुध अधिनियम में सख्त प्रावधान
आयुध अधिनियम की धारा 3 बिना वैध लाइसेंस हथियार या कारतूस रखने पर रोक लगाती है, जबकि धारा 25 इसके लिए दंड तय करती है। सामान्य अवैध हथियार रखने पर तीन साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है, और ऐसे मामलों में अदालत से जमानत मिलना भी आसान नहीं होता। पूर्वांचल में देशी हथियारों की बरामदगी के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं, इसलिए पुलिस संदिग्ध गतिविधियों पर मुखबिर तंत्र के जरिए नजर बनाए रखती है। बरामद तमंचा और कारतूस को साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित रख लिया गया है।

