सादात (गाज़ीपुर)। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला और मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने बुधवार को विकास खंड जखनियां के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, सादात का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बड़ी खामियां सामने आईं। नवनिर्मित भवन करीब एक वर्ष पहले तैयार होकर विभाग को सौंपा जा चुका है लेकिन फर्नीचर की कमी, अधूरे शौचालय और अन्य तकनीकी कार्य लंबित होने के कारण अब तक कक्षाएं शुरू नहीं हो सकीं। जिलाधिकारी ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए जिम्मेदारों से जवाब तलब किया।
यह भी पढ़ें: गाज़ीपुर में आईएस-191 गैंग के हथियार लाइसेंस जांच में खुलासा — सांसद अफज़ाल अंसारी पर FIR
एक साल से तैयार भवन खाली
निरीक्षण के दौरान यह तथ्य सामने आया कि नवनिर्मित उच्चीकृत विद्यालय भवन करीब एक वर्ष पहले तैयार होकर विभाग को हैंडओवर किया जा चुका है। इसके बावजूद छात्राएं अभी भी पुराने भवन में ही पढ़ रही हैं।
जिलाधिकारी ने जब नए भवन का जायजा लिया तो फर्नीचर की अनुपस्थिति, अधूरे बाथरूम और कई तकनीकी कार्य अभी भी अटके हुए मिले। एक साल बाद भी भवन में शैक्षणिक गतिविधियां शुरू न होने पर जिलाधिकारी ने गहरा असंतोष जताया और संबंधित अधिकारियों तथा कार्यदायी संस्था को तत्काल कमियां दूर कर भवन चालू करने के आदेश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बालिकाओं की शिक्षा और सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेही तय करते हुए समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने को कहा गया।
छात्रावास से रसोई तक जांची व्यवस्था
जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने विद्यालय की हर व्यवस्था को बारीकी से परखा। छात्रावास, कक्षाएं, भोजनालय, रसोईघर, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल और विद्युत व्यवस्था — सभी का गहन निरीक्षण किया गया।
जिलाधिकारी ने छात्राओं से सीधे बातचीत की और उनकी पढ़ाई, भोजन, आवास तथा स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। छात्राओं ने खुलकर अपनी बात रखी। डीएम ने उन्हें नियमित अध्ययन, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं — इनका पूरा लाभ उठाएं। जिलाधिकारी और सीडीओ ने छात्राओं को चॉकलेट वितरित किए जिससे छात्राएं काफी खुश हुईं।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने विद्यालय परिसर की स्वच्छता, छात्रावास की साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
यह भी पढ़ें: शेरपुर में बाढ़ राहत चौपाल — SDM ध्रुव शुक्ल ने की तैयारियों की समीक्षा
कमियां दूर करने के आदेश
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालय में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर उसका तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए। छात्राओं को सभी सुविधाएं समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से उपलब्ध कराई जाएं।
नए भवन में फर्नीचर की आपूर्ति, शौचालयों का निर्माण पूरा करने और अन्य लंबित कार्यों को जल्द से जल्द निपटाने के स्पष्ट आदेश दिए गए। कार्यदायी संस्था को चेतावनी दी गई कि आगे किसी भी देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस दौरान विभागीय अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, विद्यालय की वार्डेन, शिक्षक-शिक्षिकाएं और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

