वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को वाराणसी पहुंचे। सर्किट हाउस सभागार में उन्होंने मंडल के अधिकारियों और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अभियंताओं के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में वाराणसी मंडल की चल रही और नई परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सड़क एवं निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, प्रदेश सरकार के कई मंत्री, विधायक, सांसद, जनप्रतिनिधि और PWD के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
यह भी पढ़ें: मोदी सरकार के 12 साल: CM योगी का मीडिया संवाद
₹7175 करोड़ की 2630 परियोजनाएं, 687 पूरी
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र में ₹7175 करोड़ की लागत से 2630 परियोजनाएं संचालित हैं। इनमें से 687 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 542 परियोजनाएं 90 प्रतिशत से अधिक पूर्णता की स्थिति में हैं। अकेले वाराणसी जिले में ₹3223 करोड़ लागत के 421 कार्य चल रहे हैं। इनमें 85 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 158 परियोजनाएं 90 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुकी हैं। चंदौली में निर्माणाधीन इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स का लगभग 18 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। वाराणसी में प्रस्तावित यूनिटी मॉल परियोजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई और निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बरसात से पहले काम पूरा करो — CM योगी के सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात से पहले पूर्ण होने वाली परियोजनाओं को युद्धस्तर पर पूरा कराया जाए। गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरे होने चाहिए ताकि आम जनता को बेहतर यातायात सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों को नियमित समीक्षा बैठकें कर निर्माण कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए। जिन सड़कों की मरम्मत होनी है, पहले उनका सर्वे कराने को कहा गया। नगर निगम को भी शहरी क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर कराने के निर्देश दिए गए।
कार्ययोजना और टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परियोजना को कार्ययोजना में शामिल करने से पहले वित्तीय स्वीकृति और टेंडर प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए। कोई भी परियोजना अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहनी चाहिए।
जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए प्रस्तावों को भी कार्ययोजना में शामिल करने के निर्देश दिए गए। चंदौली के इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स और वाराणसी के यूनिटी मॉल दोनों परियोजनाओं पर मुख्यमंत्री ने गुणवत्ता बनाए रखते हुए तेजी से काम करने पर जोर दिया। अधिकारियों को साफ संदेश दिया गया कि जनता को बेहतर बुनियादी ढांचा देना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।



