📌 अमित मणि त्रिपाठी
देवरिया। अग्निशमन अधिकारी विशाल यादव ने शुक्रवार को सलेमपुर क्षेत्र में होटलों और रेस्टोरेंटों का सघन निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, उनकी कार्यशीलता और अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच की गई। प्रतिष्ठान संचालकों को फायर एनओसी प्राप्त करने और आवश्यक उपकरण स्थापित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही चेतावनी दी गई कि मानकों का पालन न करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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होटल और रेस्टोरेंटों में अग्निशमन यंत्रों की जांच
निरीक्षण के दौरान अग्निशमन अधिकारी ने सलेमपुर क्षेत्र के विभिन्न होटलों और रेस्टोरेंटों का दौरा किया। प्रत्येक प्रतिष्ठान में अग्निशमन यंत्रों की संख्या, उनकी स्थिति और कार्यशीलता की बारीकी से जांच की गई। इसके अलावा अन्य अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता का भी परीक्षण किया गया।
जांच के दौरान जहां भी उपकरणों की कमी या खराबी पाई गई, वहां संचालकों को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि होटल और रेस्टोरेंट जैसे सार्वजनिक स्थलों पर अग्नि सुरक्षा के मानकों का पालन अनिवार्य है। इन प्रतिष्ठानों में एक साथ बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहते हैं, इसलिए किसी भी आपात स्थिति में त्वरित बचाव के लिए तैयारी जरूरी है।
फायर एनओसी अनिवार्य, बिना अनुमति नहीं चलेगा काम
अग्निशमन अधिकारी विशाल यादव ने होटल स्वामियों और रेस्टोरेंट संचालकों को निर्देश दिया कि वे अपने प्रतिष्ठानों में आवश्यक अग्निशमन यंत्र स्थापित कर अनिवार्य रूप से फायर एनओसी प्राप्त करें। बिना एनओसी के प्रतिष्ठान चलाना नियमों का उल्लंघन है। जो संचालक अब तक एनओसी नहीं ले सके हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर यह प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया।
उन्होंने बताया कि अग्निशमन उपकरणों की समय पर उपलब्धता से आग लगने की स्थिति में जन-धन की हानि को काफी हद तक रोका जा सकता है। प्रतिष्ठान संचालकों की जिम्मेदारी है कि वे न केवल अपने कर्मचारियों बल्कि आने वाले ग्राहकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करें। अग्निशमन यंत्रों को नियमित अंतराल पर जांचना और उन्हें कार्यशील अवस्था में रखना भी अनिवार्य बताया गया।
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मानकों की अनदेखी पर होगी कड़ी कार्रवाई
अग्निशमन अधिकारी ने चेतावनी दी कि अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन न करने और आवश्यक उपकरण उपलब्ध न रखने की स्थिति में संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान एक बार की औपचारिकता नहीं है — आने वाले समय में भी निरीक्षण जारी रहेगा।
उन्होंने सभी प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की कि वे इस व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करें। एक छोटी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। सलेमपुर क्षेत्र में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य आग से होने वाले नुकसान को रोकना और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।



