लखनऊ। उत्तर प्रदेश की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का इंतजार कर रहे मतदाताओं को अब 2027 के विधानसभा चुनाव तक इंतजार करना होगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने लखनऊ में राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन में स्पष्ट किया कि घोसी, दुद्धी और फरीदपुर सीटों पर उपचुनाव नहीं होंगे क्योंकि अगले विधानसभा चुनाव में एक वर्ष से भी कम समय शेष है।
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तीन सीटों पर उपचुनाव नहीं
घोसी विधानसभा सीट से सपा विधायक सुधाकर सिंह के 20 नवंबर 2025 को निधन के बाद यह सीट रिक्त हुई थी। फरीदपुर (बरेली) से भाजपा विधायक प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल का जनवरी 2026 के पहले सप्ताह में निधन हुआ जबकि दुद्धी (सोनभद्र) से सपा विधायक विजय सिंह का जनवरी 2026 के दूसरे सप्ताह में निधन हो गया।
तीनों सीटों के रिक्त होने की जानकारी जनवरी 2026 में ही चुनाव आयोग को भेज दी गई थी। तब से सात महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उपचुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ था। अब CEC के बयान से इन सीटों पर उपचुनाव की संभावना पर विराम लग गया है।
एक वर्ष से कम समय
CEC ज्ञानेश कुमार ने कहा कि निर्वाचन आयोग पिछले कुछ महीनों से विभिन्न चुनावी प्रक्रियाओं में व्यस्त था। पहले उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान 10 अप्रैल तक चलाया गया। इसके बाद पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों के चुनाव और अन्य निर्वाचन संबंधी कार्यों के कारण आयोग लगातार व्यस्त रहा।
उत्तर प्रदेश विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 22 मई 2027 तक है। CEC ने कहा कि अगले आम चुनाव में एक वर्ष से कम समय बचने के कारण तीनों विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव नहीं कराए जाएंगे। उन्होंने संकेत दिया कि इन सीटों पर अब सीधे आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान ही मतदान कराया जाएगा।
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SIR अभियान के बाद निर्णय
CEC ने IIIDEM में राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन को संबोधित करते हुए बताया कि अब आयोग के पास कुछ समय उपलब्ध है। SIR अभियान के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 10 अप्रैल को हो चुका है। इसके बावजूद विधानसभा कार्यकाल समाप्त होने में एक वर्ष से कम समय बचने के कारण उपचुनाव कराना व्यावहारिक नहीं माना गया।
CEC के इस बयान से घोसी, दुद्धी और फरीदपुर के मतदाताओं को अपने नए विधायक के चुनाव के लिए अगले विधानसभा चुनाव तक प्रतीक्षा करनी होगी। इन तीनों सीटों पर सात महीने से अधिक समय से जनप्रतिनिधि का अभाव रहा है।



