नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र में केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेगी। इनमें सबसे चर्चित राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम् बिल’ है जिसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले राज्यसभा में पेश करेंगे। इस विधेयक के तहत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का अपमान करना या उसके गायन में बाधा डालना दंडनीय अपराध बन जाएगा। दोषी को 3 साल तक की कैद हो सकती है — ठीक वैसे जैसे राष्ट्रगान जन गण मन के अपमान पर होती है। मानसून सत्र 13 अगस्त तक चलेगा।
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वंदे मातरम् अपमान — 3 साल जेल
राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत वंदे मातरम् को राष्ट्रगान, राष्ट्रीय ध्वज और संविधान के समान कानूनी संरक्षण दिया जाएगा। यदि कोई जानबूझकर राष्ट्रीय गीत को बीच में रोकता है, गायन के दौरान बाधा डालता है या किसी सभा में हंगामा करता है तो उसे 3 साल तक की कैद हो सकती है।
मौजूदा कानून के तहत जन गण मन के अपमान पर 3 साल की कैद, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। प्रस्तावित संशोधन के तहत वंदे मातरम् पर भी यही दंड लागू होंगे।
मोदी सरकार इससे पहले सभी सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् का गायन अनिवार्य कर चुकी है। अब इस सत्र में इसे कानूनी शक्ल दी जाएगी।
भाजपा का कहना है कि पिछली सरकारों ने स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े वंदे मातरम् को उसका उचित स्थान नहीं दिया क्योंकि उन्होंने गीत में हिंदू प्रतीकों के कारण मुसलमानों के एक वर्ग की आपत्तियों के आगे घुटने टेक दिए थे।
मानसून सत्र में कई विधेयक
20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलने वाले मानसून सत्र में वंदे मातरम् बिल के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश किए जाएंगे।
विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (FCRA) को विचार और पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। यह विधेयक बजट सत्र के दौरान लोकसभा में पेश तो हुआ था लेकिन केरल विधानसभा चुनाव के कारण और ईसाई परमार्थ संगठनों के विरोध के चलते आगे नहीं बढ़ाया गया था।
इसके अलावा इनकम टैक्स संशोधन और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या से संबंधित विधेयक भी इस सत्र में पेश किए जाने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार सरकार के रणनीतिकार पूरी तरह आश्वस्त हैं कि किसी भी विधेयक के लिए दो तिहाई बहुमत की भी जरूरत पड़े तो सदन में पर्याप्त संख्या है। सरकार DMK के सदस्यों से भी संपर्क में है।
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अमित शाह पेश करेंगे राज्यसभा में
केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा पहले मंजूरी मिलने के बाद राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को राज्यसभा के एजेंडे में विचार और पारित होने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इसे राज्यसभा में पेश करेंगे।
यदि संसद के दोनों सदनों से पारित हो जाता है तो यह विधेयक वंदे मातरम् का अपमान करने को आपराधिक अपराध बना देगा। इससे इसे राष्ट्रीय गान, राष्ट्रीय ध्वज और संविधान जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों के समान कानूनी संरक्षण प्राप्त हो जाएगा।

