अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने आवेदन दिया है। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट में संगठनात्मक बदलाव तेज हो गए हैं। महासचिव चंपत राय समेत कई पदाधिकारियों के पद छोड़ने के बाद देशभर से योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे गए हैं। अमिताभ ठाकुर ने कहा कि खुद को ट्रस्ट द्वारा विज्ञापित सीईओ पद की अर्हताओं के अनुरूप पाते हुए उन्होंने आवेदन प्रस्तुत किया है। सीईओ की नियुक्ति के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 18 जुलाई है। तीन सदस्यीय कमेटी इस पद पर नियुक्ति करेगी और जल्द निर्णय लिए जाने की संभावना है।
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पूर्व IPS ने किया आवेदन
पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सीईओ पद के लिए आवेदन किया है। उन्होंने कहा — “स्वयं को प्रथम दृष्टया राम जन्मभूमि ट्रस्ट द्वारा विज्ञापित चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के पद के लिए बताई गई अर्हताओं के अनुरूप पाते हुए मैंने आज सीईओ पद के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है।”
उनका यह आवेदन चर्चा का विषय बना हुआ है। ट्रस्ट नए सीईओ के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। संत समाज, श्रद्धालुओं और प्रशासनिक हलकों की नजरें इस नियुक्ति पर टिकी हैं।
चंपत राय ने छोड़ा पद
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला 7 जून 2026 को सामने आया था। इसके बाद यूपी सरकार ने SIT गठित की और 25 जून को FIR दर्ज हुई। इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
महासचिव चंपत राय समेत कई जिम्मेदार पदाधिकारियों ने पद छोड़ा। निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा था कि यह घटना कलंक है और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो यह सुनिश्चित करना होगा। इसी के तहत ट्रस्ट में संगठनात्मक बदलाव किए जा रहे हैं।
सीईओ पद के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन पहले ही किया जा चुका था और यही कमेटी नियुक्ति करेगी।
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18 जुलाई अंतिम तिथि
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार सीईओ पद के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 18 जुलाई सायंकाल 4 बजे है। आवेदन searchcommittee.srjbt@gmail.com पर ईमेल से भेजे जा सकते हैं।
सीईओ पद के लिए सक्रिय हिंदू होना अनिवार्य है। आयु सीमा 50 से 70 वर्ष के बीच निर्धारित है। उम्मीदवार को 20 वर्षों का प्रबंधन अनुभव और हिंदी-अंग्रेजी दोनों भाषाओं का अच्छा ज्ञान होना जरूरी है। मंदिर या हिंदू धार्मिक संस्था के प्रबंधन का अनुभव रखने वालों को विशेष वरीयता दी जाएगी। नियुक्ति 3 साल के लिए होगी जिसे बाद में बढ़ाया भी जा सकता है।



