लखनऊ। उत्तर प्रदेश की घाटमपुर ताप विद्युत परियोजना की 660 मेगावाट की तीसरी यूनिट ने सोमवार 8 जून 2026 से व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखते हुए बताया कि पिछले चार वर्षों में यह 11वीं नई यूनिट है और इस अवधि में प्रदेश ने कुल 7,260 मेगावाट तापीय ऊर्जा क्षमता जोड़ी है। उल्लेखनीय है कि मई 2026 में गर्मी के चरम पर प्रदेश के 65 से अधिक जिलों में प्रतिदिन ढाई घंटे की बिजली कटौती की गई थी। उत्तर प्रदेश राज्य लोड डिस्पैच केंद्र ने अनुसार कि गर्मी में बिजली की मांग अचानक बढ़ जाने के कारण यह कदम उठाना पड़ा।
क्या है घाटमपुर परियोजना
घाटमपुर ताप विद्युत परियोजना कानपुर नगर जिले में स्थित है। यह NLC इंडिया लिमिटेड (51%) और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम — UPRVUNL (49%) की संयुक्त उद्यम कंपनी NUPPL द्वारा संचालित है। परियोजना की कुल क्षमता 1,980 मेगावाट (3 x 660 MW) है और इसकी कुल लागत करीब 21,780 करोड़ रुपये है। यह सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित है जो अपेक्षाकृत कम कोयले में अधिक बिजली उत्पन्न करती है।
यह भी पढ़ें: इंडिया गठबंधन की बड़ी बैठक — धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
यूनिट 1 ने दिसंबर 2024 में व्यावसायिक उत्पादन शुरू किया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे 30 मई 2025 को राष्ट्र को समर्पित किया था। यूनिट 2 ने दिसंबर 2025 में व्यावसायिक उत्पादन शुरू किया। अब यूनिट 3 के शुरू होने से पूरी 1,980 मेगावाट परियोजना चालू हो गई है।
मंत्री के दावे — 2017 से अब तक ढाई गुना क्षमता
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने अपने ट्वीट में दावा किया कि 1947 से 2017 तक के 70 वर्षों में उत्तर प्रदेश की कुल तापीय ऊर्जा क्षमता 5,160 मेगावाट थी जो 2022 तक 5,820 मेगावाट हो गई। उनके अनुसार पिछले चार वर्षों में 660 मेगावाट की 10 नई यूनिटों से 6,600 मेगावाट क्षमता जोड़ी गई। अब तीसरी यूनिट के साथ 7,260 मेगावाट क्षमता जोड़ी जा चुकी है और 2017 की तुलना में क्षमता लगभग ढाई गुना हो गई है।
बिजली कटौती की जमीनी हकीकत
मई 2026 में UPPCL ने प्रदेश के अधिकांश जिलों में नियमित बिजली कटौती का शेड्यूल लागू किया। गाज़ीपुर, देवरिया, वाराणसी और गोरखपुर समेत पूर्वांचल से पश्चिम तक के जिले इससे प्रभावित रहे। तहसील मुख्यालयों पर दिन में दो बार और नगर पंचायत क्षेत्रों में भी आपूर्ति बाधित रही। यह कटौती सुबह और दोपहर दोनों पालियों में की गई जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। UPPCL ने इसके लिए गर्मी में बिजली की असामान्य रूप से बढ़ी मांग को जिम्मेदार ठहराया था।
यह भी पढ़ें: राजापुर ग्राम प्रधान अश्वनी राय — राज्य वित्त आयोग बैठक में गाज़ीपुर का प्रतिनिधित्व
उत्पादन बढ़ा, पर क्या मिलेगी राहत?
घाटमपुर की तीसरी यूनिट का शुरू होना उत्पादन क्षमता के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम है। केवल उत्पादन बढ़ाने से समस्या हल नहीं होती — ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क को भी उतनी ही तेजी से मजबूत करना जरूरी है। गर्मी के मौसम में मांग में अचानक उछाल आने पर प्रदेश के कई हिस्सों में अभी भी कटौती होती है। आने वाले वर्षों में उत्पादन, पारेषण और वितरण — तीनों स्तरों पर काम करना प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अनिवार्य होगा।

