लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राज्य कर विभाग के शासन, मुख्यालय एवं फील्ड स्तरीय अधिकारियों के साथ विशेष समीक्षा बैठक की। बैठक में राजस्व संग्रह, कर प्रशासन और व्यापारिक सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य कर विभाग को राजस्व वृद्धि के साथ-साथ विश्वास आधारित प्रशासन का मॉडल प्रस्तुत करना होगा। साथ ही यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के सपने को साकार करने में राज्य कर विभाग की भागीदारी निर्णायक साबित होगी।
UP जीएसटी में देश में दूसरे स्थान पर
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश ने जीएसटी और वैट मद में कुल ₹1,15,977 करोड़ का राजस्व अर्जित किया — जो पुनरीक्षित अनुमान का 98.8 प्रतिशत रहा। जीएसटी संग्रह में उत्तर प्रदेश पूरे देश में दूसरे स्थान पर रहा — महाराष्ट्र पहले और कर्नाटक तीसरे स्थान पर रहा। जीएसटी बकाया के रूप में ₹2,658 करोड़ की वसूली हुई जो पिछले वर्ष की तुलना में 228 प्रतिशत अधिक है। वैट बकाया में ₹800 करोड़ मिले जो गत वर्ष से 29 प्रतिशत अधिक है। प्रवर्तन इकाइयों के जरिये ₹2,071 करोड़ की वसूली हुई जो 13 प्रतिशत अधिक रही।
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21.82 लाख करदाताओं के साथ देश में नंबर 1
बैठक में एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई — उत्तर प्रदेश 21.82 लाख सक्रिय करदाताओं के साथ देश में सर्वाधिक जीएसटी करदाताओं वाला राज्य बन गया है। जीएसटी पंजीयन आवेदनों के निस्तारण की औसत अवधि प्रदेश में मात्र 8 दिन है — जबकि राष्ट्रीय औसत 14 दिन है। रिटर्न दाखिले में भी UP राष्ट्रीय औसत से आगे है — देय तिथि तक 90 प्रतिशत से अधिक करदाता रिटर्न दाखिल कर रहे हैं। प्रदेश का औसत मासिक रिटर्न दाखिला 93 प्रतिशत है जबकि केंद्र स्तर पर यह 91 प्रतिशत है।
फर्जी फर्मों पर 477 FIR — 168 गिरफ्तारियाँ
मुख्यमंत्री ने फर्जी फर्मों, कर चोरी और बोगस बिलिंग के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रखने के स्पष्ट निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि अब तक बोगस फर्मों के खिलाफ 477 मामलों में FIR दर्ज की गई और 168 गिरफ्तारियाँ हुई हैं। 7 नवंबर 2025 को इस मामले में SIT का गठन किया गया था। ₹180 करोड़ की इनपुट टैक्स क्रेडिट ब्लॉक की गई और न्यायनिर्णयन कार्रवाई से ₹2,250 करोड़ की माँग सृजित हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक, डेटा एनालिटिक्स और AI आधारित विश्लेषण से कर चोरी रोकी जाए और वैध व्यापार को प्रोत्साहित किया जाए।
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व्यापारियों की मदद — रिफंड 27 दिन में
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ईमानदार व्यापारियों को सुविधा, सम्मान और त्वरित समाधान मिले। जीएसटी रिफंड के मामलों में UP की औसत निस्तारण अवधि 27 दिन है — जबकि राष्ट्रीय औसत 48 दिन है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रिफंड व्यवस्था को और पारदर्शी और तेज बनाया जाए ताकि व्यापारियों की कार्यशील पूंजी प्रभावित न हो। साथ ही छोटे कारोबारियों को जागरूक करने और जिला-खंड स्तर तक करदाता सहायता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए।
2026-27 का लक्ष्य — ₹1.98 लाख करोड़
अप्रैल 2026 में प्रदेश ने ₹10,896 करोड़ का राजस्व संग्रह किया — जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 9.6 प्रतिशत अधिक है। गौतमबुद्ध नगर जोन ने ₹1,506 करोड़ के संग्रह के साथ 18 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की। सहारनपुर जोन में 35.1 प्रतिशत और वाराणसी प्रथम जोन में 33.2 प्रतिशत वृद्धि रही। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभाग को ₹1,98,071 करोड़ का लक्ष्य दिया गया है — जिसमें जीएसटी का लक्ष्य ₹1,49,956 करोड़ और वैट का लक्ष्य ₹48,115 करोड़ है।
