लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने 68500 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा-2018 में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अभ्यर्थियों को अर्हता अंक में 5 प्रतिशत की छूट देने की अपनी 5 जनवरी 2022 की संस्तुति को पुनः यथावत प्रभावी रखने का निर्णय लिया है। आयोग की 16 जून 2026 को हुई बैठक में यह निर्णय पारित किया गया। आयोग ने कहा कि 150 में से 60 अंक (40%) प्राप्त करने पर OBC अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण माना जाए और तदनुसार संशोधित परीक्षा परिणाम तैयार कर उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की सूची आयोग को उपलब्ध कराई जाए। आयोग ने यह भी संस्तुति की कि संस्तुति का पालन न करने वाले संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाए।
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40% पर उत्तीर्ण मानें OBC को
आयोग ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की अधिसूचना और उत्तर प्रदेश आरक्षण नियमावली के अनुसार OBC अभ्यर्थियों को अर्हता अंक में 5 प्रतिशत की छूट दिया जाना पूरी तरह विधि सम्मत है।
आयोग का निर्देश है कि 68500 भर्ती परीक्षा-2018 में OBC श्रेणी के अभ्यर्थी यदि 150 में से 60 अंक यानी 40 प्रतिशत लाए हैं तो उन्हें उत्तीर्ण घोषित किया जाए। तदनुसार परिणाम में संशोधन कर पात्र अभ्यर्थियों की सूची आयोग को सौंपी जाए।
इस प्रकरण की पैरवी कर रहे अभ्यर्थी तूफान सिंह ने आयोग के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि आयोग ने लगातार दूसरी बार OBC अभ्यर्थियों के संवैधानिक अधिकारों को स्वीकार किया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि आयोग की संस्तुतियों का तत्काल अनुपालन करते हुए संशोधित परीक्षा परिणाम घोषित किया जाए।
संविधान के अनुच्छेद 14-16 का हवाला
आयोग ने अपने निर्णय में यह भी उल्लेख किया कि 69000 सहायक अध्यापक भर्ती, जूनियर (एडेड) सहायक अध्यापक भर्ती और सहायक अध्यापक भर्ती-2021 में OBC अभ्यर्थियों को अर्हता अंक में 5 प्रतिशत की छूट पहले से दी जा चुकी है।
ऐसे में केवल 68500 भर्ती-2018 के OBC अभ्यर्थियों को इस लाभ से वंचित रखना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 में निहित समानता और समान अवसर के अधिकार के विपरीत है।
शासन के अभिलेखों और न्यायालयों के आदेशों की जांच में आयोग को कोई ऐसा आधार नहीं मिला जो यह साबित करे कि 68500 भर्ती-2018 में OBC अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत अर्हता छूट देने पर कोई कानूनी बाधा या न्यायिक रोक लागू है।
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अभ्यर्थियों में नई उम्मीद
आयोग ने अपनी संस्तुति में यह भी कहा कि 5 जनवरी 2022 की संस्तुति और उसके अनुपालन संबंधी पत्रों पर समयबद्ध कार्रवाई न करने और आरक्षण अधिनियम का उल्लंघन करने वाले संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाए।
आयोग के इस निर्णय से वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे 68500 सहायक अध्यापक भर्ती-2018 के हजारों OBC अभ्यर्थियों में उम्मीद जगी है। अभ्यर्थी तूफान सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार से अपेक्षा है कि पात्र अभ्यर्थियों को जल्द न्याय दिया जाए।



