लखनऊ। उत्तर प्रदेश विजिलेंस ने आगरा के रिटायर्ड सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) ललित कुमार के लखनऊ के अलीगंज स्थित चंद्रलोक कॉलोनी, C-143 आवास पर छापा मारा जो 26 घंटे तक चला। इस छापेमारी में ₹1.62 करोड़ नकद, 13 किलो सोना और करीब 9 किलो चांदी के आभूषण जिनकी कीमत ₹20 करोड़ से अधिक आंकी गई है, 15 जगहों पर मकान, प्लॉट और कृषि भूमि के दस्तावेज जिनकी कीमत करीब ₹13 करोड़ है, Toyota Innova, Hyundai i20, एक रिवॉल्वर और ₹1 करोड़ से अधिक के निवेश के साक्ष्य मिले।
विजिलेंस ने कुल बरामद संपत्ति की कीमत ₹35 करोड़ बताई है। DGP राजीव कृष्ण ने छापे में शामिल टीम को ₹1 लाख का पुरस्कार देने की घोषणा की। IG विजिलेंस मंजिल सैनी ने इस कार्रवाई की जानकारी दी।
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दीवारों में छिपाए थे नोट
अदालत से सर्च वारंट लेकर विजिलेंस टीम C-143, चंद्रलोक कॉलोनी, अलीगंज पहुंची। आवास के चप्पे-चप्पे की तलाशी शुरू हुई जो बुधवार सुबह तक 26 घंटे तक जारी रही।
तलाशी में सबसे चौंकाने वाला खुलासा नकदी का था। ₹1.62 करोड़ की नकदी को पैकेटों में बनाकर दीवारों और अलग-अलग कमरों में छिपाकर रखा गया था। विजिलेंस टीम ने घर के विभिन्न हिस्सों से यह नकदी बरामद की।
ललित कुमार मूल रूप से रायबरेली के सेंगहो कोठी के रहने वाले हैं। आगरा से रिटायर होने के बाद वे लखनऊ में रह रहे थे।
13 किलो सोना और 15 जगह संपत्ति
छापेमारी में 13 किलो सोना और करीब 9 किलो चांदी के बिस्किट और आभूषण मिले जिनकी कीमत ₹20 करोड़ से अधिक आंकी गई।
संपत्ति के दस्तावेज 15 जगहों पर मिले। लखनऊ के अलीगंज, वृंदावन योजना, इस्माइलगंज, मोहनलालगंज और बालकगंज में मकान, प्लॉट और कृषि भूमि के कागजात बरामद हुए। नोएडा में 2 फ्लैट की बुकिंग और बाराबंकी व रायबरेली में भी जमीन के दस्तावेज मिले। इन अचल संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब ₹13 करोड़ बताई गई।
इसके अलावा Toyota Innova, Hyundai i20 कारें और एक रिवॉल्वर भी बरामद हुई। बैंक, पोस्ट ऑफिस, म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट में ₹1 करोड़ से अधिक के निवेश के साक्ष्य भी मिले। घर की साज-सज्जा और महंगे घरेलू सामान पर भी भारी खर्च के सबूत मिले।
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वैध कमाई से 73.6% ज्यादा खर्च
IG विजिलेंस मंजिल सैनी ने बताया कि 2024 में ललित कुमार की कानपुर में संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) के पद पर तैनाती के दौरान भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज हुई। परिवहन आयुक्त ने 11 सितंबर 2024 को भ्रष्टाचार निवारण संगठन (ACO) को जांच की अनुमति दी।
जांच में सामने आया कि ललित कुमार की कुल वैध कमाई ₹93.26 लाख थी जबकि चल और अचल संपत्तियों की खरीद, रखरखाव और अन्य मदों पर कुल खर्च ₹1.61 करोड़ पाया गया। इस तरह उन्होंने अपनी वैध आय से ₹68.66 लाख यानी 73.6% अधिक खर्च किया। इस अतिरिक्त खर्च और संपत्ति के संबंध में ललित कुमार कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके।
इसके बाद ACO ने कानपुर सेक्टर थाने में ललित कुमार के विरुद्ध FIR दर्ज की। जांच में अघोषित संपत्तियों की विस्तृत जानकारी मिलने पर अदालत से सर्च वारंट लेकर को छापे की कार्रवाई की गई।

