📌 अमित मणि त्रिपाठी
देवरिया। “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत वृहद वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत रविवार 12 जुलाई को जनपद देवरिया में 40 लाख पौधरोपण के लक्ष्य के साथ सैकड़ों स्थानों पर पौधे लगाए गए। बरियारपुर नगर पंचायत में छोटी गंडक नदी के तट पर मुख्य कार्यक्रम हुआ जहां प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विधिवत पूजन-अर्चन के बाद पौधरोपण किया।
रामपुर कारखाना विधायक सुरेंद्र चौरसिया ने भी इस अवसर पर पौधे लगाए। मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह और प्रभागीय निदेशक सामाजिकी वानिकी कासरला राजू ने कृषि मंत्री और विधायक को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन पंकज शुक्ला ने किया।
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कृषि मंत्री ने किया पौधरोपण
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कोविड काल में “एक पेड़ माँ के नाम” लगाने का संकल्प दिया था ताकि जन-जन की भागीदारी से देश और प्रदेश हरियाली से भर सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 40 करोड़ और जनपद में 40 लाख पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है। 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर जनपद में लगभग 5 लाख पौधे पहले ही लगाए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि वृक्षों से मिलने वाली ऑक्सीजन ही जीवन का आधार है। अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर वर्तमान के साथ भावी पीढ़ी को भी स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण उपलब्ध कराया जाए।
रामपुर कारखाना विधायक सुरेंद्र चौरसिया ने कहा कि गंडक नदी उनके विधानसभा क्षेत्र में लगभग 40 किलोमीटर तक प्रवाहित होती है। नदी के दोनों किनारों पर व्यापक स्तर पर वृक्ष लगाए जाएं और उनका संरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर, उप जिलाधिकारी सदर प्रवीण कुमार, महिला आयोग सदस्य रितु शाही, ब्लॉक प्रमुख पथरदेवा सुब्रत शाही, नगर पंचायत अध्यक्ष किरण राजभर, जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार सिंह, उप निदेशक कृषि सुभाष चंद्र मौर्य और जिला कृषि अधिकारी उदय शंकर सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
“हर मेड़ पर पेड़” की परंपरा अपनाएं
कृषि मंत्री ने कहा कि फलदार वृक्षों की कमी के कारण बच्चों में कुपोषण की समस्या बढ़ रही है। इसलिए आम, कटहल, सहजन और आंवला जैसे पौष्टिक फल देने वाले वृक्ष अधिक लगाए जाएं। इसी उद्देश्य से अंत्योदय कार्डधारक परिवारों को फलदार पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले यह लोकोक्ति प्रचलित थी — “खेत का पानी खेत में, हर खेत में मेड़ और हर मेड़ पर पेड़”। उसी परंपरा को पुनर्जीवित करने की जरूरत है। रासायनिक उर्वरकों के न्यूनतम उपयोग पर बल देते हुए उन्होंने स्वस्थ और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का आह्वान किया।
कृषि मंत्री ने गांव, खेत, बगीचे, मंदिर, तालाब, अमृत सरोवर और सड़कों के किनारे अधिक से अधिक वृक्ष लगाने की अपील की। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों से भी एक-एक पेड़ माँ के नाम लगाने और स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन समेत अन्य पर्वों पर भी पौधा लगाने का आह्वान किया।
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स्कूली बच्चों की रैली
कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों ने वृक्षारोपण जागरूकता रैली निकाली और पर्यावरण संरक्षण के नारे लगाए। बच्चों से अपील की गई कि वे अपने अभिभावकों को भी वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करें।
इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्कूली बच्चों, किसानों और अंत्योदय कार्डधारकों को सहजन सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे वितरित किए गए।
जनपद के समस्त प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, विद्यालयों, पंचायत भवनों, ग्राम सचिवालयों, चारागाह भूमियों और तालाबों के तटबंधों सहित विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी भूमियों पर वृक्षारोपण किया गया। नागरिकों ने अपनी निजी भूमि पर भी पौधे लगाए।



