हाथरस। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हाथरस में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने हाथरस, सिकंदराराऊ और सादाबाद विधानसभा क्षेत्रों में ₹548 करोड़ की लागत की 143 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, स्मार्टफोन, आवास की चाबी और आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने के बयान पर मुख्यमंत्री ने कड़ा पलटवार किया। कांग्रेस पर 25 जून 1975 के आपातकाल का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि संविधान की सबसे बड़ी हत्या कांग्रेस ने की थी।
आलू प्रसंस्करण केंद्र और रोजगार का ऐलान
मुख्यमंत्री ने हाथरस में सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर Employment and Industrial Zone बनाने की घोषणा की। इस क्षेत्र में युवाओं की स्किलिंग की जाएगी और उन्हें रोजगार से जोड़ा जाएगा। हाथरस में तेजी से उद्यमी आ रहे हैं और नए उद्यम स्थापित होने से रोजगार की नई संभावनाएं बनेंगी।
मुख्यमंत्री ने आलू उत्पादक किसानों के लिए प्रसंस्करण केंद्र स्थापित करने का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस केंद्र से किसानों को अपनी फसल का कई गुना अधिक मूल्य मिलेगा। आगरा में अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र (International Potato Centre) भी स्वीकृत किया जा चुका है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत नए उद्यम स्थापित करने में युवाओं को सहायता दी जा रही है।
कार्यक्रम में लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक, आवास की चाबी, स्मार्टफोन और आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विरासत और विकास का समन्वय ही नए उत्तर प्रदेश की पहचान है और विकास की प्रक्रिया को निरंतर मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार बिना भेदभाव के समाज के प्रत्येक वर्ग के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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अखिलेश के अयोध्या बयान पर पलटवार
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा था कि उनकी सरकार बनने पर अयोध्या को विश्वस्तरीय धार्मिक नगरी के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि नई सरकार बनाकर अयोध्या को ऐसी धार्मिक नगरी के रूप में विकसित किया जाएगा जहां विश्वभर से आए श्रद्धालु अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव करेंगे।
इस बयान पर मुख्यमंत्री ने हाथरस की जनसभा में तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जिस समाजवादी पार्टी की सरकार ने राम जन्मभूमि आंदोलन का विरोध किया और रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, वह आज अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने की बात कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी सरकार में थानों और जेलों में कृष्ण जन्माष्टमी के कार्यक्रम बंद करा दिए गए थे और कांवड़ यात्रा पर भी प्रतिबंध लगाया गया था। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार में जो पैसा मंदिरों के विकास पर खर्च होना चाहिए था वह कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल बनाने में खर्च होता था। वर्तमान सरकार ने उसी पैसे को मंदिरों के सौंदर्यीकरण में लगाया — हाथरस में 22 से अधिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण इसी का उदाहरण है।
उन्होंने अखिलेश यादव से श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पक्ष में खुलकर बोलने की अपील करते हुए कहा कि जिस तरह राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन चला था, उसी तरह श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए भी सपा को अभियान चलाने की बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी में इतनी हिम्मत नहीं है क्योंकि उसका पूरा एजेंडा तुष्टिकरण की राजनीति तक सीमित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज अयोध्या त्रेता युग की स्मृतियों को साकार करती दिख रही है और विश्वभर के श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन चुकी है। अयोध्या को किसी राजनीतिक दल के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है।
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9 साल में कोई दंगा नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान दंगे, कर्फ्यू और माफिया थे। मथुरा के जवाहरबाग की घटना, कोसीकलां के दंगे, मेरठ, अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर के दंगे प्रदेश की पहचान बन गए थे। हर दो-तीन महीने में कर्फ्यू लगता था जिससे व्यापार ठप होता था और युवाओं को रोजगार से हाथ धोना पड़ता था।
उन्होंने दावा किया कि विगत नौ वर्षों में प्रदेश में कोई दंगा नहीं हुआ और कोई कर्फ्यू नहीं लगा। सभी पर्व और त्योहार शांतिपूर्वक मनाए जा रहे हैं। इस वर्ष मुहर्रम का आयोजन भी शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन पर भी मुख्यमंत्री ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में दोनों दल संविधान बचाने की बात कर रहे थे, जबकि देश में संविधान की सबसे बड़ी हत्या कांग्रेस ने 25 जून 1975 को आपातकाल लगाकर की थी। उस समय जयप्रकाश नारायण, राज नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव और कल्याण सिंह समेत तमाम नेताओं को जेल भेजा गया था। एक लाख से अधिक लोगों की गिरफ्तारियां हुई थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने मुलायम सिंह यादव का भी अपमान किया था और उन्हें जेल भेजा था।

