गाज़ीपुर, 12 अगस्त। गंगा नदी में मंगलवार देर रात पशुओं से लदी दो संदिग्ध नावों का पीछा करते समय एक नाविक की नाव उन नावों से टकरा गई, जिसमें वह घायल हो गया। टक्कर के बाद नावों पर सवार लोग अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने बाद में दोनों नावों को कब्जे में लेकर उनमें लदे करीब 60 पशु बरामद किए, जिन्हें गौ आश्रय भेज दिया गया।
गंगा में पीछा करते हुए हुई टक्कर
घटना गहमर थाना क्षेत्र के रामपुर घाट की है, जहां मंगलवार रात करीब 11 बजे एक नाविक की नजर गंगा में जा रही दो नावों पर पड़ी। दोनों नावों पर बड़ी संख्या में पशु लदे देखकर नाविक को शक हुआ और उसने अपनी नाव से उनका पीछा करना शुरू कर दिया। करीब 18 किलोमीटर तक चले इस पीछा में नाविक मुबारकपुर घाट तक पहुंच गया, जहां गंगा की बीच धारा में उसकी नाव पशुओं से लदी दोनों नावों से जा टकराई। इस टक्कर में पीछा कर रहा नाविक घायल हो गया।
टक्कर के बाद पशुओं से भरी दोनों नावें कुछ देर तक गंगा में अनियंत्रित होकर इधर-उधर घूमती रहीं। इसी बीच नावों पर सवार लोगों ने अंधेरे का सहारा लेकर गंगा में छलांग लगा दी और मौके से भाग निकले। घायल नाविक पहले नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र गया, जहां उसका प्राथमिक उपचार हुआ। इलाज के बाद वह वापस घाट लौटा और अपने साथियों की मदद से दोनों पशु लदी नावों को शेरपुर की ओर ले जाने लगा।
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शेरपुर घाट पर पहुंचीं नावें
रात करीब 2 बजे दोनों नावें भांवरकोल थाना क्षेत्र के शेरपुर घाट पर पहुंचाई गईं। इसके बाद नाविक और उसके साथियों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक नावों पर सवार लोग फरार हो चुके थे। पुलिस ने दोनों नावों को अपने कब्जे में लेकर उनमें लदे पशुओं को सुरक्षित बाहर निकलवाया।
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अतुल कुमार सोनकर ने बताया कि दोनों नावों से कुल मिलाकर करीब 60 पशु बरामद किए गए हैं, जिन्हें सुरक्षित तरीके से गौ आश्रय भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन पशुओं को कहां से लाया गया था और आगे कहां ले जाया जा रहा था।
अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
पुलिस ने इस मामले में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। एएसपी ग्रामीण के अनुसार फरार हुए लोगों की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें लगाई गई हैं। पुलिस दोनों नावों के मालिकाना हक की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि नावें किसकी थीं और उनका इस्तेमाल किस मकसद से किया जा रहा था।
जांच के दौरान पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों नावें कहां से रवाना हुई थीं और रास्ते में किन-किन घाटों से होकर गुजरीं। इसके साथ ही नावों पर सवार लोगों की पहचान और उनकी सही संख्या का पता लगाने पर भी काम चल रहा है। फिलहाल बरामद पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है, वहीं फरार लोगों की तलाश में पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश देने की तैयारी में जुटी हैं।

