ग्रेटर नोएडा। अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर शनिवार को गौतम बुद्ध नगर बड़े औद्योगिक निवेश का गवाह बना। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना सिटी के सेक्टर-10 में ₹15,023 करोड़ के निवेश वाली तीन विनिर्माण परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इसके बाद सेक्टर-96 में नोएडा प्राधिकरण के नए सात मंजिला प्रशासनिक भवन का उद्घाटन किया। नोएडा और दादरी विधानसभा क्षेत्रों के लिए ₹2,478 करोड़ की 70 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी इसी दौरे में हुआ। UPITS के चतुर्थ संस्करण की कर्टेन रेजर सेरेमनी भी इस अवसर पर आयोजित हुई। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, उद्योग मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, सांसद डॉ. महेश शर्मा, विधायक धीरेंद्र सिंह और विधायक तेजपाल नागर उपस्थित रहे।
यमुना सिटी में ₹15,023 करोड़ की आधारशिला
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सेक्टर-10 में विकसित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC-2.0) में तीन अलग-अलग औद्योगिक इकाइयों की नींव रखी गई। पहली परियोजना असेंट-के सर्किट्स की है जिसमें ₹3,250 करोड़ का निवेश होगा। दूसरी अंबर एंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड की है जिसकी लागत ₹3,532 करोड़ है। तीसरी सबसे बड़ी परियोजना SAIL सोलर P-6 की है जिसमें ₹8,253 करोड़ का निवेश होगा।
यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि असेंट-के सर्किट्स EMC-2.0 में उत्पादन शुरू करने वाली पहली कंपनी होगी। इन तीनों परियोजनाओं से यमुना सिटी में लगभग 10,000 रोज़गार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश में पहले से ही 96 लाख MSME इकाइयां हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना के ज़रिए इन्हें देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया गया है।
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PCB से सोलर सेल तक
असेंट-के सर्किट्स की इकाई में फ्लेक्सिबल पीसीबी, हाई डेंसिटी इंटरकनेक्टेड पीसीबी (HDI PCB) और सेमीकंडक्टर सब्सट्रेट्स का निर्माण होगा। यह संयंत्र दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त उपक्रम के तहत स्थापित किया जा रहा है। सेक्टर-8 में 100 एकड़ भूमि पर अंबर एंटरप्राइजेज की इकाई में PCB असेंबली, कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक्स, एयर कंडीशनर और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उत्पादन होगा। इन दोनों इकाइयों में मदरबोर्ड, सेमीकंडक्टर चिप बोर्ड और स्मार्टफोन में काम आने वाले महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स भी बनाए जाएंगे।
SAIL सोलर P-6 की परियोजना उत्तर प्रदेश के लिए खास है। यह प्रदेश का पहला ऐसा संयंत्र होगा जहां सोलर सेल का निर्माण होगा। अभी तक प्रदेश में केवल सोलर मॉड्यूल बनाए जाते थे। इस संयंत्र में 5 गीगावाट सोलर सेल और 5 गीगावाट सोलर मॉड्यूल का उत्पादन होगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत पहले ₹40,000 करोड़ का PCB आयात करता था — अब यही यमुना सिटी में बनेगा। सोलर ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धि का ज़िक्र करते हुए बताया गया कि 6 लाख से अधिक परिवार PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर रूफटॉप लगा चुके हैं जिससे उनके बिजली बिल में 50 से 60 प्रतिशत की कमी आई है।
जेवर जंगलराज से मंगलराज की ओर
मुख्यमंत्री ने कहा, “जो जेवर कभी अविकास और असुरक्षा के लिए जाना जाता था, आज वही जंगलराज से मंगलराज की ओर बढ़ चुका है।” जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कमर्शियल उड़ानें शुरू हो चुकी हैं और निवेशकों का रुझान लगातार बढ़ रहा है।
CM ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बन चुका है। देश में बनने वाले 55 प्रतिशत मोबाइल फोन अकेले उत्तर प्रदेश में तैयार होते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हो रहा नया निवेश प्रदेश को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का अहम केंद्र बनाएगा। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में उत्तर प्रदेश की निर्णायक भूमिका होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के पास 75,000 एकड़ का व्यापक लैंड बैंक उपलब्ध है। हर सेक्टर के लिए अलग नीति है और निवेशकों को इंसेंटिव और सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म की सुविधा दी जाती है। बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (BIDA) के तहत 56,000 एकड़ में एक विशाल औद्योगिक नगरी विकसित की जा रही है। दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त उपक्रम का ज़िक्र करते हुए CM ने कहा कि अयोध्या और कोरिया का ऐतिहासिक सांस्कृतिक जुड़ाव सदियों पुराना है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में 50 प्रतिशत से अधिक कामगार महिलाएं हैं।
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₹2,478 करोड़ के भवन का उद्घाटन
यमुना सिटी के बाद CM योगी सेक्टर-96 पहुंचे जहां नोएडा प्राधिकरण के नए सात मंजिला मुख्य प्रशासनिक भवन का उद्घाटन किया। ₹390 करोड़ की लागत से बने इस भवन का निर्माण 2015 में शुरू हुआ था। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे किनारे 24,000 वर्ग मीटर में फैला यह भवन प्राधिकरण का सबसे बड़ा बुनियादी ढांचा है।
भवन के भूतल ऑडिटोरियम में CM ने किसानों और उद्यमियों को आवंटन पत्र वितरित किए। सातवीं मंजिल पर PWD की समीक्षा बैठक हुई। नोएडा और दादरी विधानसभा क्षेत्रों के लिए ₹2,478 करोड़ की 70 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास हुआ। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे ₹27 करोड़ की दो सीवर लाइनें और ₹18.40 करोड़ से पुनर्जीवित रेनीवेल-4 परियोजना भी लोकार्पित हुई।
लाखों को मिलेगी जाम से मुक्ति
CM योगी ने भंगेल एलिवेटेड के पिलर नंबर-59 यानी बरौला टी-प्वाइंट पर ₹67.81 करोड़ की लागत से क्लोवर लीफ के निर्माण की आधारशिला रखी। ₹608 करोड़ की लागत से बनी 5.5 किलोमीटर लंबी छह लेन एलिवेटेड सड़क नवंबर 2025 में यातायात के लिए खोली गई थी। बीच में चढ़ने-उतरने की सुविधा न होने से लाखों लोग इसका लाभ नहीं उठा पा रहे थे।
क्लोवर लीफ बनने के बाद सेक्टर 74 से 79 की 49 सोसायटियों के तीन लाख और सेक्टर 101 से 121 की 29 सोसायटियों के एक लाख से अधिक निवासियों को सीधा फायदा होगा। दादरी रोड और विश्वकर्मा रोड पर लगने वाले जाम में भी कमी आएगी। यह कार्य दो वर्ष में पूरा होने की संभावना है। अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली से लखनऊ, वाराणसी, पटना और सिलीगुड़ी तक बुलेट ट्रेन परियोजना का उल्लेख किया — जेवर से लखनऊ का सफर एक घंटे 40 मिनट में पूरा होगा।

