गाज़ीपुर, 11 अगस्त। किसानों को खाद प्राप्त करने में किसी तरह की दिक्कत न हो, इसकी पड़ताल के लिए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ग्रामीण सहकारी समिति फिरोजपुर पहुंचे। उनके साथ मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद भी मौजूद रहे, और दोनों अधिकारियों ने संयुक्त रूप से समिति का औचक निरीक्षण किया।
सहकारी समिति का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने समिति पर संचालित उर्वरक बिक्री व्यवस्था की बारीकी से जांच की। उन्होंने उर्वरक बिक्री रजिस्टर देखा और स्टॉक, बिक्री तथा वितरण से जुड़े अभिलेखों का मिलान किया। इसके साथ ही उर्वरक लेने पहुंचे किसानों की खतौनी और आधार कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेजों का भी सत्यापन कराया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित कर्मचारियों से साफ कहा कि उर्वरक वितरण की पूरी प्रक्रिया नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से चलनी चाहिए, ताकि पात्र किसानों को कोई परेशानी न उठानी पड़े।
बातचीत कर ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने समिति पर मौजूद किसानों से सीधे बातचीत की। उन्होंने किसानों से उर्वरक की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और तय दाम के बारे में पूछताछ की। उन्होंने विशेष रूप से यह जानने की कोशिश की कि किसानों को उर्वरक निर्धारित एवं उचित मूल्य पर मिल रहा है या नहीं। इस दौरान किसानों ने भी अपनी ओर से उर्वरक की उपलब्धता और वितरण से जुड़ी जानकारी अधिकारियों को दी।
कालाबाजारी पर सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने समिति के कर्मचारियों और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसानों को उर्वरक हमेशा तय मूल्य पर ही उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि उर्वरक की कालाबाजारी, ओवररेटिंग या किसी भी तरह की अनियमितता से जुड़ी शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि किसानों की सुविधा और उनकी जरूरतों को सबसे ऊपर रखा जाए।

