लखनऊ/देवरिया। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने गुरुवार 28 मई 2026 को प्रदेश के पाँच जिलों के नए जिलाध्यक्षों की एक साथ घोषणा की। देवरिया जिले की कमान काली प्रसाद को सौंपी गई। इसके अलावा अंबेडकरनगर, वाराणसी, चंदौली और गोरखपुर महानगर में भी नए जिलाध्यक्ष घोषित किए गए।

गोरखपुर महानगर — रमेश प्रसाद गुप्ता
गोरखपुर महानगर की जिम्मेदारी रमेश प्रसाद गुप्ता को दी गई है। वे पूर्व पार्षद रह चुके हैं — यानी शहरी राजनीति और स्थानीय मुद्दों की उन्हें गहरी समझ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में BJP का संगठनात्मक ढाँचा हमेशा से मजबूत रहा है — और इसे और अधिक सुदृढ़ करना अब नए जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी होगी। गोरखपुर महानगर में शहरी मतदाताओं की बड़ी संख्या है और यहाँ पार्टी की पकड़ बनाए रखना रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत जरूरी है। रमेश प्रसाद गुप्ता पर शहरी बूथों को सक्रिय करने, व्यापारी वर्ग और युवाओं को पार्टी से जोड़ने तथा 2027 के चुनाव में गोरखपुर महानगर की सीटें पार्टी के पक्ष में बनाए रखने की अहम जिम्मेदारी होगी।
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वाराणसी — राम सकल पटेल
काशी क्षेत्र की धर्मनगरी वाराणसी की कमान राम सकल पटेल को सौंपी गई है। वाराणसी BJP के लिए सिर्फ एक जिला नहीं — यह पार्टी की प्रतिष्ठा का केंद्र है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है और देश-दुनिया की नजर हमेशा यहाँ की राजनीति पर रहती है। ऐसे में वाराणसी के जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी अन्य जिलों से कहीं अधिक होती है। राम सकल पटेल को न केवल शहर के भीतर बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी संगठन को सक्रिय रखना होगा। काशी में 2027 विधानसभा चुनाव की दृष्टि से BJP का प्रदर्शन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है — और इसकी नींव अभी से तैयार करने की जिम्मेदारी नए जिलाध्यक्ष के कंधों पर है।
देवरिया — काली प्रसाद
देवरिया की राजनीति में जाना-पहचाना नाम — काली प्रसाद उर्फ कालीचरण प्रसाद को BJP ने अपना नया जिलाध्यक्ष बनाया है। वे सलेमपुर (SC) विधानसभा क्षेत्र से 2017 के विधानसभा चुनाव में BJP के टिकट पर MLA चुने गए थे और 17वीं विधानसभा में अपना कार्यकाल पूरा किया। विधायक रह चुके होने के कारण उन्हें जनता की नब्ज और जमीनी राजनीति की गहरी समझ है — यही वजह है कि पार्टी ने उन पर भरोसा जताया। देवरिया जिला पूर्वांचल की राजनीति में अहम स्थान रखता है और 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए यहाँ संगठन को मजबूत करना पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उनकी नियुक्ति से देवरिया के BJP कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है

अंबेडकरनगर — दिलीप देव पटेल
दिलीप देव पटेल (36) को अंबेडकरनगर का नया जिलाध्यक्ष बनाया गया है। वे कटेहरी विधानसभा क्षेत्र के भीटी गाँव के निवासी हैं और अंबेडकरनगर जिले के पूर्व जिला महामंत्री रह चुके हैं। इससे पहले वे जिला मंत्री की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। किसान परिवार से आने वाले पटेल को संगठन में युवा नेतृत्व के तौर पर देखा जाता है। उनके नाना स्वर्गीय जियालाल वर्मा दो बार टांडा ब्लॉक प्रमुख रह चुके थे — यहीं से उन्हें राजनीतिक प्रेरणा मिली। गौरतलब है कि अंबेडकरनगर में ढाई वर्ष बाद यह बदलाव हुआ है।
चंदौली — काशीनाथ सिंह
चंदौली में पार्टी ने अनुभव और निरंतरता को प्राथमिकता देते हुए काशीनाथ सिंह को एक बार फिर जिलाध्यक्ष की कुर्सी सौंपी है। यह पार्टी नेतृत्व का उनके कार्य के प्रति विश्वास और संतोष का प्रतीक है। चंदौली पूर्वांचल का एक संवेदनशील और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जिला है। यह जिला एक ओर वाराणसी से सटा है तो दूसरी ओर बिहार की सीमा से लगता है — इसीलिए यहाँ संगठन की मजबूती पार्टी की प्राथमिकता रही है। काशीनाथ सिंह पर जिम्मेदारी होगी कि वे बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करें और 2027 के विधानसभा चुनाव में चंदौली की सीटें BJP के पक्ष में करें। उनकी पुनर्नियुक्ति से जिले के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है
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BJP की नई रणनीति — सपा के जवाब में अपना PDA
यह महज जिलाध्यक्षों की नियुक्ति नहीं — बल्कि BJP की एक सोची-समझी चुनावी बिसात है। सपा का PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फार्मूला जमीन पर असर दिखा रहा है — BJP उसका जवाब अपने PDA (पिछड़ा, दलित, अगड़ा) से देना चाहती है। बीते लोकसभा चुनाव में अति पिछड़ा और दलित वर्ग की कई जातियों के सपा-कांग्रेस गठबंधन के साथ जाने से BJP का समीकरण बिगड़ा था। नई टीम में 40 से 50 फीसदी नए चेहरों को जगह दी जाएगी।
प्रदेश अध्यक्ष की नई टीम का खाका तैयार
इन नामों तक पहुँचने के लिए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, संगठन महासचिव बीएल संतोष और RSS के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ लंबे समय तक मंथन किया। सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श के बाद केंद्रीय नेतृत्व ने हरी झंडी दी — तब जाकर यह नाम सामने आए। अभी यह सिर्फ शुरुआत है — जल्द ही छह क्षेत्रीय इकाइयों, सात मोर्चों और राज्य कार्यकारिणी में भी बड़े फेरबदल देखने को मिलेंगे।
2027 विधानसभा चुनाव पर नजर
यह पूरा संगठनात्मक बदलाव 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए किया जा रहा है। पार्टी ने समय रहते अपना संगठन मजबूत करने का फैसला किया है — क्योंकि विपक्ष पहले से तैयारी में लगा है।
नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति इसी रणनीति का पहला कदम है। देवरिया, वाराणसी, चंदौली, अंबेडकरनगर और गोरखपुर महानगर — ये सभी जिले चुनावी दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन जिलों में मजबूत नेतृत्व देकर पार्टी ने साफ संकेत दे दिया है कि 2027 की तैयारी अभी से शुरू हो चुकी है।
