गाज़ीपुर। ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का पावन पर्व जनपद गाज़ीपुर में 28 मई 2026 को पूरी शांति और भाईचारे के साथ संपन्न हुआ। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला और पुलिस अधीक्षक ईरज राजा ने खुद पुलिस बल के साथ भ्रमणशील रहकर पूरे जनपद में व्यवस्था की निगरानी की। नमाज अदा करने वाले सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई दी गई।
DM और SP रहे मैदान में
त्योहार के मौके पर गाज़ीपुर के दोनों शीर्ष अधिकारी चारदीवारी से बाहर निकले — जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला और पुलिस अधीक्षक ईरज राजा कंधे से कंधा मिलाकर ईदगाहों और नमाज स्थलों पर पहुँचे और अपनी आँखों से व्यवस्था का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने बताया कि शांति, सुरक्षा और सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखना ही इस दौरे का मकसद था।
भारी पुलिस बल के साथ कोतवाली क्षेत्र के तमाम संवेदनशील स्थानों पर पैदल गश्त की गई। ऊपर से ड्रोन कैमरों की पैनी नजर भी बनी रही। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों का यह अंदाज जनता को भरोसा देने वाला रहा — कि उनके त्योहार में प्रशासन उनके साथ है।
मस्जिद और ईदगाह में ही अदा हुई नमाज
जनपद गाज़ीपुर में बकरीद पर विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में शासन की गाइडलाइन का पूरी तरह पालन करते हुए मुस्लिम वर्ग के लोगों ने मस्जिदों और ईदगाहों में ही नमाज अदा की। सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी गई। जनपद के हर कोने में — चाहे शहरी इलाका हो या ग्रामीण — नमाज का माहौल शांतिपूर्ण और अनुशासित रहा। लोगों ने स्वेच्छा से शासन की गाइडलाइन का पालन किया जो प्रशासन और जनता के बीच आपसी विश्वास की झलक देता है।
SP ने बच्चों को बाँटी टॉफी और मिठाई
नमाज सकुशल संपन्न होने के बाद पुलिस अधीक्षक ईरज राजा ने एक भावपूर्ण कदम उठाया — उन्होंने छोटे बच्चों को टॉफी और मिठाई बाँटकर बकरीद की बधाई दी। यह पल सांप्रदायिक सौहार्द और पुलिस-जनता के बीच मधुर संबंध का एक खूबसूरत प्रतीक बना। एक पुलिस अधिकारी का इस तरह बच्चों के बीच जाकर उत्सव में शामिल होना — यह संदेश देता है कि प्रशासन सिर्फ कानून-व्यवस्था का पहरेदार नहीं बल्कि जनता का हमदर्द साथी भी है।

SP ईरज राजा का बयान
नमाज संपन्न होने के बाद SP ईरज राजा ने मीडिया से बात करते हुए कहा — “बकरीद के दिन आज जनपद में समस्त मस्जिदों और ईदगाहों में शांतिपूर्ण ढंग से नमाज पढ़ी गई। कोतवाली क्षेत्र में और हर जगह नमाज सकुशल संपन्न हो गई। बाकी पुलिस बल की तैनाती पूरे दिन रहेगी — पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात है। खासकर सभी क्षेत्रों में अधिकारी भी लगे हुए हैं। साथ ही विभागों से आपस में सामंजस्य स्थापित करके सकुशल संपन्न कराया जा रहा है।”
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सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल
गाज़ीपुर में बकरीद का यह पर्व एक बार फिर हिंदू-मुस्लिम एकता और सांप्रदायिक सौहार्द की जीती-जागती मिसाल बना। जनपद के हर कोने में पर्व का माहौल उत्सव और भाईचारे से भरा रहा। प्रशासन की सक्रियता, पुलिस की मुस्तैदी और जनता के सहयोग से यह पर्व बिना किसी अप्रिय घटना के सकुशल संपन्न हुआ।
SP ईरज राजा का बच्चों को टॉफी बाँटना हो या DM अनुपम शुक्ला का खुद मैदान में उतरना — इन छोटी-छोटी बातों ने यह संदेश दिया कि प्रशासन सिर्फ कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नहीं — बल्कि जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। यही गाज़ीपुर की असली पहचान है — और यही इस जनपद की ताकत भी।
