मुंबई। सोनम वांगचुक के अनशन और काकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को जहां सोनाक्षी सिन्हा, दीया मिर्जा और प्रकाश राज सहित कई बॉलीवुड सेलेब्स ने समर्थन दिया वहीं अभिनेता अविनाश तिवारी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर बिल्कुल अलग बात कही। उन्होंने प्रोटेस्ट के तरीकों पर सवाल उठाते हुए कहा कि रोड पर चिल्लाने से बेहतर है वोट रजिस्ट्रेशन कराना। उनके वीडियो ने सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छेड़ दी है।
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प्रोटेस्ट पर जताया संशय
अविनाश तिवारी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया जिसमें उन्होंने बताया कि उनके कई दोस्त उनसे लगातार पूछ रहे थे कि वे प्रदर्शन पर कुछ क्यों नहीं बोल रहे। जवाब में उन्होंने देश में हुए पिछले आंदोलनों के अपने अनुभव साझा किए।
अविनाश ने कहा कि अन्ना आंदोलन से लेकर अब तक के तमाम प्रदर्शनों को सरकार ने कोई तवज्जो नहीं दी। एक व्यक्ति 111 दिन के अनशन के बाद जान गंवा बैठे — इस घटना ने उन्हें झकझोर कर रख दिया। पहले उन्हें लगता था कि सामने वाला बहरा है लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने महसूस किया कि समस्या प्रोटेस्ट करने के तरीके में भी है। उन्होंने कहा — “पहले मुझे लगता था कि सामने वाला ही बहरा है, हमारी बात नहीं सुन रहा। इस वजह से मैं संशय से भर गया।”
दिक्कत प्रोटेस्ट के तरीके में
अविनाश ने संशय जताने के बाद खुद ही दिशा भी दी। उनके मुताबिक असल कमजोरी सरकार में नहीं बल्कि प्रदर्शन के तरीके में है। अविनाश ने बताया कि यह बात उन्हें तब समझ आई जब उन्होंने गौर किया कि उनके एक्टिविस्ट दोस्त जो सड़क पर सबसे आगे रहते हैं वही 2019 और 2024 के चुनाव में मतदान करने नहीं गए।
अविनाश का कहना था कि सड़क पर नारे लगाने से सरकार पर दबाव नहीं बनता जब तक मतपेटी में ताकत न दिखाई जाए। सरकार उन्हीं की बात सुनती है जो वोट देते हैं — प्रदर्शन करने वालों की आवाज तभी सुनी जाएगी जब वे चुनाव में भी उतनी ही मजबूती से भाग लें।
वोट है असली हथियार
अविनाश तिवारी ने वीडियो में 2024 के आंकड़े सामने रखे। उन्होंने कहा — “साल 2024 का एक डेटा है कि 18 से 24 साल के 25 प्रतिशत लोगों ने ही वोट दिया।”
इस आंकड़े के आधार पर उन्होंने कहा कि सरकार बहरी नहीं है — वह उन्हीं की सुनती है जो वोट देते हैं। युवाओं के पास सबसे बड़ा हथियार उनका वोट है। सड़क पर नारेबाजी से सरकार पर कोई दबाव नहीं पड़ता जब तक मतपेटी में ताकत न दिखाई जाए।
अविनाश ने कहा कि अगर युवा अपनी आवाज का सही इस्तेमाल करना चाहते हैं तो इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट पर वोटर रजिस्ट्रेशन कराएं। उन्होंने कहा कि रोड पर चिल्लाने से बेहतर है आवाज का सही इस्तेमाल किया जाए।
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10 लाख रजिस्ट्रेशन की अपील
अविनाश तिवारी ने वीडियो के अंत में युवाओं से सीधी अपील की। उन्होंने कहा — “अगर आज ही 10 लाख लोग रजिस्टर होते हैं तो सरकार को लगेगा कि स्टूडेंट्स अब 2029 का इंतजार कर रहे हैं। तब ही सरकार आज आपसे डरेगी।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन करना गलत नहीं है लेकिन उन लोगों के लिए जान देना बेकार है जो खुद आपकी परवाह नहीं करते। असली बदलाव तभी आएगा जब युवा वोट की ताकत को समझें और उसका इस्तेमाल करें।
अविनाश ने कहा — “यह लड़ने का बेहतर तरीका है, बजाय उन लोगों के लिए मरने के जो आपकी परवाह नहीं करते।”
अविनाश का यह वीडियो ऐसे समय आया है जब सोशल मीडिया पर दो खेमे साफ दिखते हैं — एक जो प्रदर्शन को लोकतांत्रिक अधिकार मानता है और दूसरा जो वोट को सबसे बड़ा हथियार बताता है।


